निर्भया के दोषी अक्षय कुमार की क्यूरेटिव याचिका खारिज, फांसी से दूरी हुई और कम
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निर्भया के दोषी अक्षय कुमार को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। अदालत ने उसकी क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही अक्षय की फांसी से दूरी और कम हो गई है। अब उसके पास सिर्फ राष्ट्रपति को दया याचिका भेजने का विकल्प मौजूद है।
Supreme Court dismisses curative petition of Akshay Kumar Singh, one of the convicts in Delhi 2012 gangrape case. pic.twitter.com/mhUuv9eZPF
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— ANI (@ANI) January 30, 2020
अक्षय की याचिका में बेतुकी दलीलें
वहीं, अक्षय की सुधारात्मक याचिका में कहा गया है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर जन दबाव और जनता की राय के चलते अदालतें सभी समस्याओं के समाधान के रूप में फांसी की सजा सुना रही हैं।
अक्षय ने अपनी याचिका में दावा किया है कि दुष्कर्म एवं हत्या के करीब 17 मामलों में शीर्ष न्यायालय के तीन जजों की पीठ ने मौत की सजा में बदलाव कर उसे कम किया है।
दोषियों के पास हैं अब ये विकल्प
ऐसे ही एक मामले में एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या के मामले में मौत की सजा को इस कोर्ट ने एक पुनर्विचार फैसले में घटा कर 20 साल के सश्रम कारावास में तब्दील कर दिया। यह इस आधार पर किया गया कि दोषी की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी और उसके सुधार की अब भी गुंजाइश है।
याचिका में जस्टिस जेएस वर्मा कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि समिति ने दुष्कर्म एवं हत्या के अपराधों के लिए मौत की सजा के खिलाफ पैरोकारी की है।
किस दोषी के पास अब क्या विकल्प
-मुकेश सिंह: अब कोई विकल्प नहीं
-पवन गुप्ता: सुधारात्मक और दया याचिका दोनों विकल्प बाकी
-अक्षय ठाकुर: सुधारात्मक याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, दया याचिका अभी बाकी
-विनय शर्मा: सुधारात्मक याचिका खारिज, दया याचिका राष्ट्रपति को भेजी