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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Nine automated vehicle fitness testing centres will be set up in the capital.

Delhi NCR News: राजधानी में नौ ऑटोमेटेड व्हीकल फिटनेस टेस्टिंग सेंटर होंगे स्थापित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Mar 2026 08:38 PM IST
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-सालाना 4.5 लाख व्यावसायिक वाहनों की जांच क्षमता बढ़ाने की तैयारी, 3 करोड़ की राजस्व राशि बचेगी
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। राजधानी में वाहन फिटनेस जांच की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर (एटीसी) के नेटवर्क के विस्तार की योजना बनाई है। परिवहन विभाग के अनुसार, शहर में चरणबद्ध तरीके से कुल नौ ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर (एटीसी) स्थापित किए जाएंगे।


फिलहाल दिल्ली में केवल झुलझुली स्थित एकमात्र एटीसी संचालित है। वहीं, नंद नगरी और तेहखंड में दो नए केंद्र निर्माणाधीन हैं, जबकि बुराड़ी के मैनुअल टेस्टिंग सेंटर को एटीसी में बदलने के लिए बीते साल मंजूरी मिल चुकी है। हाल ही में पांच और नए केंद्रों को स्वीकृति दी गई है, जो बवाना, गाजीपुर, सवदा घेवरा, ढिचाऊं कलां और जीटीके बस डिपो में स्थापित किए जाएंगे। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि सभी केंद्र शुरू होने के बाद राजधानी में कुल नौ ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर कार्यरत होंगे, जिससे वाहन फिटनेस जांच की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर में सेंसर आधारित प्रणाली और कंप्यूटरीकृत डायग्नोस्टिक उपकरणों के माध्यम से वाहन की जांच की जाती है। जिससे पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित होती है। जांच रिपोर्ट डिजिटल रूप से तैयार होकर सीधे वाहन पंजीकरण प्रणाली से जुड़ जाती है, जिससे त्रुटियों और हेरफेर की संभावना कम हो जाती है।
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4.5 लाख वाहनों की वार्षिक जांच की चुनौती

दिल्ली में लगभग 4.5 लाख व्यावसायिक वाहन ऐसे हैं जिन्हें हर वर्ष फिटनेस जांच करना जरूरी है। वर्तमान में झुलझुली एटीसी पर केवल लगभग 70 हजार वाहनों की ही जांच हो पाती है। शेष वाहन, जिनमें ट्रक, बसें, पिकअप वैन, मालवाहक वाहन और टैक्सियां शामिल हैं को जांच के लिए अन्य राज्यों में जाना पड़ता है। नए केंद्रों के शुरू होने के बाद अनुमान है कि 2 से 2.5 लाख वाहनों की जांच दिल्ली में ही हो सकेगी। इससे अन्य राज्यों में जाने वाले राजस्व का नुकसान भी रुकेगा। अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के परमिट के अनुसार फिटनेस जांच शुल्क 500 से 1,500 तक होता है और इससे हर वर्ष लगभग 3 करोड़ का राजस्व बाहर चला जाता है।
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