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एनएचएआई का दावाः दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का काम तय समय पर होगा पूरा
Sat, 24 Oct 2020 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 24 Oct 2020 05:17 AM IST
सार
- एनएचएआई ने कहा-अलीगढ़ रेलवे लाइन पर आरओबी को छोड़कर बाकी सभी काम 30 दिसंबर से पहले होंगे पूरे
- दूसरे चरण का 88 फीसदी और चौथे चरण का 78 फीसदी काम अब तक हो चुका है पूरा, आरओबी को लेकर हैं कई तकनीकी दिक्कतें
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delhi meerut expressway
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने काम की रफ्तार बढ़ा दी है। एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि दूसरे और चौथे चरण का काम केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री की तरफ से निर्धारित समय-सीमा में ही पूरा होगा। अलीगढ़ रेलवे लाइन पर आरओबी को छोड़कर बाकी सभी काम दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक पूरे हो जाएंगे। जबकि आरओबी का काम मार्च 2021 के अंतिम सप्ताह तक ही पूरा हो सकेगा। तकनीकी दिक्कतों का हवाला देते हुए एनएचएआई ने कहा कि आरओबी के डिजाइन को लेकर रेलवे की तमाम सारी आपत्तियां हैं, जिन्हें दूर कर पुल तैयार करने में अभी करीब पांच से छह महीने का वक्त लगेगा। बाकी अन्य जगहों निर्माण की स्थिति लक्ष्य के अनुसार चल रही है।
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यूपी गेट से डासना के बीच 19.20 किमी में 16 लेन एक्सप्रेस-वे तैयार होना है। एनएचएआई ने दावा किया है कि इस चरण का 88 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। यूपी गेट से हिंडन तक की सड़क भी पूरी तरह से वाहनों के लिए खोल दी गई है। हिंडन से विजय नगर के बीच का हिस्सा भी अगले 15 दिनों में खुल जाएगा। उसके बाद एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज (प्रताप विहार) तक की सड़क भी वाहनों के लिए 25 से 30 दिन में खोल दी जाएगी।
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अब सिर्फ साइड रोड तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है, जिसके तैयार होते ही अंडरपास खोलकर एक्सप्रेस-वे को वाहनों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इसी चरण में लालकुआं लूप का काम भी 30 नवंबर तक पूरा करने का दावा किया है। चौथे चरण में डासना से मेरठ के बीच 32 किमी का ग्रीन फील्ड छह लेन एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। इस पर 78 फीसदी काम पूरा करने का दावा किया जा रहा है। बाकी 22 फीसदी काम आने वाले 66 दिनों में पूरा करना है। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि चौथे चरण में असल काम डासना (आईएमएस) से ईस्टर्न पेरिफेरल लूप तक का बचा है, जिस पर दिन-रात काम चल रहा है। बाकी हिस्से से मशीनें व श्रमिक फ्री होने के बाद अब इसी पांच से सात किमी के हिस्से में काम कर रहे हैं।
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रेलवे की मांग, पीएसयू की निगरानी में बने आरओबी
अलीगढ़ रेल लाइन पर चिपियाना में एक्सप्रेस-वे के लिए तीन नए आरओबी बनाए जा रहे हैं। इन्हें लेकर अभी तक मामला पूरी तरह से सुलझ नहीं पाया है। रेलवे का कहना है कि यह वह हिस्सा है जहां से एक्सप्रेस-वे घूम रहा है। इसलिए यहां पर आरओबी का निर्माण किसी ऐसी पीएसयू (पब्लिक सेक्टर यूनिट) की निगरानी में हो, जिसे इस तरह के डिजाइन पर काम करने का अनुभव हो, जिससे की भविष्य में रेल लाइन के विस्तार की स्थिति में रेलवे को कोई परेशानी न हो। अब एनएचएआई ने कई निजी कंपनियों का प्रस्ताव भी दिया लेकिन रेलवे उस पर सहमत नहीं है।
प्रशासन ने लगाई एक्सप्रेस-वे पर पीएसी
अब प्रशासन पर भी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का काम समय पर पूरा कराने का दबाव है। इसी को देखते हुए एनएचएआई को पीएसी मुहैया कराई गई है। साथ ही प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगर कहीं पर कोई दिक्कत है तो उसे वार्ता कर प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएं, जिससे की निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
हम आरओबी को छोड़कर बाकी सभी काम तय समय पर पूरा कर लेंगे। दिसंबर के अंतिम सप्ताह से पहले ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे वाहनों के लिए पूरी तरह से तैयार होगा। आरओबी को लेकर कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, जिन्हें दूर करने की कोशिश जारी है। बाकी किसी भी हिस्से में कोई दिक्कत नहीं है।
- मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे