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Delhi NCR News: यमुना नदी में अवैध खनन पर एनजीटी सख्त, जांच के लिए समिति गठित
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-अधिकरण ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध खनन तुरंत रोका जाए
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के शामली जिले में यमुना नदी के तल में कथित अवैध खनन के मामले को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी किया है। मामले की जांच के लिए अदालत ने एक संयुक्त समिति बनाई है, जिसमें केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। समिति मौके का निरीक्षण कर अवैध खनन, पर्यावरणीय नुकसान और जरूरी अनुमतियों की स्थिति की जांच करेगी। समिति को तीन सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अधिकरण ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध खनन तुरंत रोका जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई 2026 को होगी। यह मामला एक याचिका के आधार पर सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि बिना जरूरी पर्यावरणीय अनुमति के खनन किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि संबंधित कंपनी गांव नै नंगला और मंगलाुरा में नियमों को नजरअंदाज कर भारी मशीनों से खनन कर रही है। शिकायत के बावजूद प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने की भी बात कही गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के शामली जिले में यमुना नदी के तल में कथित अवैध खनन के मामले को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी किया है। मामले की जांच के लिए अदालत ने एक संयुक्त समिति बनाई है, जिसमें केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। समिति मौके का निरीक्षण कर अवैध खनन, पर्यावरणीय नुकसान और जरूरी अनुमतियों की स्थिति की जांच करेगी। समिति को तीन सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अधिकरण ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध खनन तुरंत रोका जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई 2026 को होगी। यह मामला एक याचिका के आधार पर सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि बिना जरूरी पर्यावरणीय अनुमति के खनन किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि संबंधित कंपनी गांव नै नंगला और मंगलाुरा में नियमों को नजरअंदाज कर भारी मशीनों से खनन कर रही है। शिकायत के बावजूद प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने की भी बात कही गई है।