15 साल पुराने वाहनों पर एनजीटी सख्त, लगाई दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की क्लास
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वायु प्रदूषण पर रोकथाम के बजाय लापरवाही बरतने को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार, ट्रैफिक पुलिस और निगम को जमकर फटकार लगाई है। बेंच ने मंगलवार को फिर से कई सवाल पूछे वहीं जवाब देने के बजाय प्राधिकरण खामोश रहे। बेंच ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से पूछा कि क्या आपने 15 साल पुराने एक भी पेट्रोल वाहन का चालान काटा या उन्हें जब्त किया है। जवाब न मिलने पर बेंच ने अपने निर्देश में कहा कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ट्रिब्यूनल के समक्ष चालान का पूरा ब्योरा पेश करे। मामले की सुनवाई बुधवार को भी होगी।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने मंगलवार को वायु प्रदूषण के मामले पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया है। वहीं याची की ओर से कहा गया कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सिर्फ 15 साल पुराने डीजल वाहनों के ही चालान काट रही है। एक भी पेट्रोल वाहन पर सख्ती नहीं बरती जा रही।
बेंच के सवाल पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से पेश अधिकारी ने कहा कि सड़कों पर पाए गए 15 साल से अधिक पुराने वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं। अभी तक 1 हजार चालान काटे गए हैं। इसके अलावा जब्त करने की प्रक्रिया भी जारी है। वहीं, एनजीटी ने धूल और ठोस कचरे के कारण होने वाले वायु प्रदूषण पर रोकथाम के लिए सरकार के मुख्य सचिव को जल्द से जल्द बैठक कर अंतिम प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है।
आखिर आपने पेट्रोल वाहन क्यों नहीं खरीदे
एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को जल्द से जल्द वायु गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में पेश करने को कहा है। सीपीसीबी ने कहा कि अप्रैल महीने में सम-विषम के दौरान तैयार की गई वायु गुणवत्ता रिपोर्ट का अभी विश्लेषण किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की ओर से पेश एडवोकेट ने कहा कि उनके यहां गाड़ियों की शॉर्टेज है। करीब सात गाड़ियां बीते वर्ष नवंबर में खरीदी गई थीं। कूड़ा-कचरा ढोने के लिए इन्हें चलने की इजाजत दी जाए।
इस पर बेंच ने पूछा कि आखिर आपने पेट्रोल वाहन क्यों नहीं खरीदे। एडवोकेट जवाब देने में विफल रहीं। वहीं बेंच ने राहत देने से इनकार कर दिया।