प्रदूषण : कोटला में मैच के दौरान विवाद जारी, NGT फिर भड़की
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार को गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कार्ययोजना न पेश करने पर कड़ी फटकार लगाई। साथ ही 48 घंटे में विस्तृत कार्ययोजना ट्रिब्यूनल में दाखिल करने आदेश दिया। प्रधान पीठ ने कहा कि दिल्ली में खराब वायु गुणवत्ता के बावजूद आखिर भारत-श्रीलंका टेस्ट क्रिकेट मैच क्यों आयोजित किया गया?
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई की। पीठ ने रविवार को भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच के दौरान श्रीलंकाई खिलाड़ियों के एंटी पॉल्यूशन मास्क पहनने को लेकर अपनी टिप्पणी में कहा कि हर समाचार पत्र में वायु गुणवत्ता खराब होने को लेकर हेडलाइन मौजूद है।
इसके बावजूद दिल्ली सरकार और संबंधित प्राधिकरणों ने कोई कदम नहीं उठाया। खराब वायु गुणवत्ता के बीच आप लोगों को मैच नहीं आयोजित करना चाहिए था। पीठ ने कहा कि क्या दिल्ली के लोग इस वायु प्रदूषण को झेल लेंगे ?
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कार्ययोजना पेश करने में उन्हें और वक्त चाहिए। सरकार में मुख्य सचिव और पर्यावरण सचिव दोनों हाल ही में बदल गए हैं। हालांकि पीठ ने इस दलील को सुनने के बजाए दो दिनों के भीतर कार्ययोजना पेश करने के लिए कहा है।
‘प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक अदद कदम नहीं लिया’
इससे पहले पीठ ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि आपकी कार्ययोजना कहां है। अगर आप लोगों को रोज बदल रहे हैं तो हम क्या करें? यह हमारी परेशानी नहीं है। आप रोजाना बैठक कर रहे हैं लेकिन वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए एक अदद कदम बीते चार दिनों में आप ने नहीं लिया है।
हाल ही में दिल्ली में प्रदूषण आपात स्थितियों में पहुंचा लेकिन इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया। न ही सम-विषय योजना लागू की गई। सम-विषम योजना में दोपहिया वाहनों को छूट के मामले पर पीठ ने कहा कि आप लोग लगातार दोपहिया वाहनों पर छूट मांग रहे हैं, लेकिन 60 लाख दोपहिया वाहनों के कारण ही प्रदूषण में बढ़ोतरी होती है, इसे मानने को तैयार नहीं हैं।
वहीं 4 हजार बसों का वादा वर्षों पहले किया गया था, लेकिन अभी तक एक भी बस नहीं आई। एनजीटी ने दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों में पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान से वायु प्रदूषण से निपटने वाली कार्ययोजना भी मांगी है।