समय से नालों की सफाई नहीं हुई तो लगेगा एक करोड़ का जुर्माना- एनजीटी
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नोएडा प्राधिकरण, गाजियाबाद नगर निगम, पूर्वी दिल्ली नगर निगम और दिल्ली जल बोर्ड पर नालों की सफाई को लेकर एक-एक करोड़ के बांड भरने के निर्देश दिए हैं। बांड में इस बात का उल्लेख होगा कि सभी स्थानीय निकायों और जल बोर्ड को नालों की सफाई को लेकर क्या-क्या काम करने हैं और कितने समय में सारे कार्यों को पूरा करना है। ऐसा नहीं करने पर चारों से जुर्माने के तौर पर एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि वसूली जाएगी।
सेक्टर-137 निवासी अभीष्ट कुुसुम गुप्ता की याचिका पर एनजीटी ने सीपीसीबी के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने कुछ समय पहले 8 नालों के सैंपल लिए थे। इसमें पहले नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद नगर निगम को ही नालों की सफाई के आदेश जारी हुए थे। लेकिन बाद में अन्य नालों की रिपोर्ट आने के बाद पूर्वी दिल्ली नगर निगम और दिल्ली जल बोर्ड को भी आदेश जारी कर दिए हैं। अब इन्हें भी नालों की सफाई के लिए काम करना होगा। इन्हें भी एक-एक करोड़ रुपये के बांड भरकर जमा करना होगा।
नालों की सफाई के लिए एनजीटी ने समय-सीमा भी तय कर दी हैं। नाले में सीधे तौर पर गंदा पानी न डाला जा सके, इसके लिए एसटीपी की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। सभी विभागों को काम के अनुसार एक से तीन महीने का समय दिया गया है।
खुद कूड़े का प्रबंध न किया तो आज से लगेगा जुर्माना
ग्रेनो प्राधिकरण की ठोस अपशिष्ट और सीवेज निस्तारण नीति के तहत काम नहीं करने वाले संस्थानों, सोसायटियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। पहले चरण में कचरे का निस्तारण न करने वाले होटलों, बाजारों और ढाबों आदि पर कार्रवाई होगी।
प्राधिकरण ने कचरा निस्तारण के लिए नई नीति बनाई है। इसके तहत 90 प्रतिशत कचरा मौके पर ही निस्तारित करना होगा। बचा हुआ दस फीसदी कचरा प्राधिकरण उठाएगा। इसको कई चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में होटल, बाजार व ढाबे आदि को रखा गया है। इनको 31 जुलाई तक का समय दिया गया था। इस दौरान इन्हें कचरे के निस्तारण के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया था। अब पहली अगस्त से इनको कचरे का निस्तारण खुद से करना होगा। अगर कोई नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ दीपचंद ने बताया कि कूड़ा निस्तारण योजना को कई चरणों में लागू किया गया है। पहले चरण में ढाबों, होटल और बाजार में आदि में लागू होगा। इसके लिए 31 जुलाई तक का समय दिया गया था। अगर पहली अगस्त से कूड़ा निस्तारण नई नीति के तहत नहीं किया तो कार्रवाई होगी।
सोसायटियों को 15 अगस्त तक का समय
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों और सोसायटियों को 15 अगस्त तक का समय दिया है। जबकि संस्थागत में 30 अगस्त तक का समय दिया गया है। इस दौरान इन्हें कूड़ा निस्तारण के उपाय करने होंगे। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 197 बिल्डर परियोजनाएं हैं। इन सभी में ये नियम लागू होगा। कूड़ा निस्तारण के लिए प्राधिकरण ने बिल्डरों की संस्था क्रेडाई के साथ भी बैठक की थी। प्राधिकरण ने सभी से योजना को लागू करने के लिए कहा है। अगर लागू नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी।