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प्रदूषणयुक्त यूनिट को क्यों दिया क्लीन चिट?
अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 13 Feb 2014 05:06 PM IST
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औद्योगिक इकाइयों की प्रदूषण रिपोर्ट से नाराज एनजीटी ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण बोर्ड को फटकार लगाई है। कोर्ट ने हापुड़ स्थित इकाइयों की दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं।
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दरअसल, हापुड़ स्थित सिंभावली शुगर मील और गोपाल जी घी की ओर से प्रदूषण फैलाए जाने के संबंध में स्पेस एनजीओ और कृष्णकांत की ओर से याचिका दाखिल की गई थी।
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दोनों इकाइयों की जनवरी में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने जांच की।
जांच रिपोर्ट में सीपीसीबी ने माना था कि दोनों इकाइयां प्रदूषण फैला रही हैं तो यूपीपीसीबी ने इससे इंकार किया। मामले पर बुधवार को सुनवाई के दौरान क्लीन चिट देने से नाराज एनजीटी ने यूपीपीसीबी को फटकार लगाई।
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साथ ही पूछा कि ये कैसे संभव है कि एक दल प्रदूषण फैलाने की बात कह रहा है तो दूसरा इससे मना कर रहा है। दूसरी तरफ कोर्ट ने इकाइयों की नए सिरे से जांच करने के सीपीसीबी और यूपीपीसीबी के मुख्य सचिव को आदेश दिए हैं।
साथ ही स्पष्ट किया है कि इकाइयों की जांच, उत्पादन चालू होने के दौरान की जाए। जांच रिपोर्ट अगली सुनवाई 18 फरवरी से पहले सौंपने को कहा है।
याचिकाकर्ता के वकील राहुल चौधरी ने कहा कि केंद्रीय जांच दल जहां इकाइयों से प्रदूषण होने की कह रहा है वहां प्रदेश का जांच दल क्लीन चिट दे रहा है। जांच में अनियमितता होने के अंदेशे से दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं।