अवैध भू-जल का दोहन करने वाले बूचड़खाने को एनजीटी का नोटिस
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उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में रेबन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड नाम के एक बड़े बूचड़खाने पर बिना अनुमति संचालन करने और अवैध भू-जल दोहन करने का आरोप लगा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) में इस संबंध में याचिका दाखिल की गई थी।
एनजीटी ने इस मामले पर विचार के बाद प्राधिकरणों को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। जस्टिस एसपी वांगड़ी की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने शुक्रवार को मामले पर विचार किया।
याचिका पर्यावरणविद शैलेश सिंह की ओर से दाखिल की गई थी। याची ने इस मामले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण, हापुड़ के जिलाधिकारी और अन्य को पक्षकार बनाया है।
सख्त निर्देश जारी किया जाए
बेंच ने नोटिस जारी कर इन प्राधिकरणों से जवाब मांगा है। याची ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सूचना के अधिकार के जरिये हासिल किए गए जवाब के तहत आरोप लगाया है कि संबंधित फर्म दो ट्यूबवेल के तहत प्रतिदिन 1200 किलोलीटर भू-जल का दोहन करता है।
जबकि फर्म के पास भू-जल दोहन के लिए संबंधित प्राधिकरण की अनुमति भी नहीं है। याची का यह भी आरोप है कि फर्म के जरिये खतरनाक अपशिष्ट की भी निकासी की जा रही है।
उन्होंने बेंच से मांग की थी कि फर्म के संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही संबंधित प्राधिकरणों को भी इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किया जाए।