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दिल्ली गैस लीक: NGT ने केंद्र और AAP सरकार को दिया नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 09 May 2017 09:05 AM IST
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मामले में 475 बच्चियों की तबीयत बिगड़ी थी।
- फोटो : अमर उजाला
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी में तुगलकाबाद कंटेनर डिपो में बीते हफ्ते शनिवार को केमिकल रिसाव होने उसकी वजह से 450 से अधिक छात्राओं के बीमार पडने के मामले पर केंद्र, दिल्ली सरकार और भारतीय कंटनेर निगम को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
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एनजीटी की प्रधान पीठ ने भारतीय कंटेनर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि आखिर केमिकल रिसाव के लिए आप पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए? साथ ही तुगलकाबाद कंटेनर डिपो को शिफ्ट क्यों न किया जाए। अब सभी प्राधिकरणों को 15 मई तक मामले में जवाब देना है।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया। वहीं बीते वर्ष याची अजय खेड़ा ने भी तुगलकाबाद कंटेनर डिपो के शिफ्ट होने का मामला एनजीटी में उठाया था। केमिकल रिसाव मामले में एनजीटी ने अधिवक्ता आईजी कपिला को न्यायमित्र नियुक्त किया है।
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प्रधान पीठ ने कहा कि अखबारों में छपी रिपोर्ट के मुताबिक यह स्पष्ट है कि केमिकल रिसाव के चलते हुई पर्यावरण क्षति के आकलन पर तत्काल किसी तंत्र की जरूरत थी। पीठ ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) इस घटनाक्रम की संयुक्त जांच कर स्टेटस रिपोर्ट एक हफ्ते के भीतर एनजीटी में दाखिल करे। इसके अलावा पीठ ने मामले में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, रेलवे बोर्ड, डीपीसीसी से भी एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।
शनिवार को ट्रिब्यूनल में मामले को एडवोकेट संजय उपाध्याय और सालिक शफीक ने भी उठाया था। एनजीटी में इन अधिवक्ताओं के जरिए दलील में कहा गया कि डिपो को शिफ्ट करने के मामले पर एनजीटी ने बीते वर्ष ही प्राधिकरणों को नोटिस दिया था। इसके बावजूद अभी तक डिपो में कुछ नहीं हो पाया है।