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दिल्ली: एनजीटी ने डीपीसीसी पर लगाया पांच लाख का जुर्माना
Fri, 01 Mar 2019 07:46 PM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 01 Mar 2019 07:46 PM IST
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NGT
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जींस डाइंग की अवैध इकाइयों पर कार्रवाई करने में विफल दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह अवैध इकाइयां सरिता विहार, आली विहार और भीम कॉलोनी में चल रही हैं।
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जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने 10 जनवरी को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह आदेश दिया है। एनजीटी में आली विहार विकास मंच की ओर से याचिका दाखिल की गई थी।
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पीठ ने कहा कि सीपीसीबी की जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि सरिता विहार, आली विहार और भीम कॉलोनी आवासीय परिक्षेत्र हैं। यहां जींस रंगने वाली 20 औद्योगिक इकाइयां पाई गईं। इनमें चार चल रही थीं और 16 निरीक्षण के दौरान बंद पाई गई थीं। सभी औद्योगिक इकाइयां बिना किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र या नगर निगम की मंजूरी के ही चलाई जा रही थीं।
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पीठ ने कहा कि सीपीसीबी ने इस निरीक्षण के बाद डीपीसीसी से कार्रवाई के लिए कहा था। हालांकि, कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। डीपीसीसी ने इस कार्रवाई के लिए सिर्फ एसडीएम को पत्र लिखा है, यह नाकाफी है।
वह सिर्फ पत्र लिखकर पल्ला नहीं झाड़ सकती। इससे उसका कानूनी दायित्व भी नहीं पूरा होता। ऐसे में एक महीने के भीतर डीपीसीसी पांच लाख रुपये सीपीसीबी के पास जमा कराए। औद्योगिक इकाइयों से भी जुर्माना वसूले।