{"_id":"688e268d88413cad8700c967","slug":"ngt-directs-to-take-action-against-illegal-felling-of-trees-in-yamuna-vihar-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-99757-2025-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: एनजीटी का यमुना विहार में पेड़ों की अवैध कटाई पर कार्रवाई का निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: एनजीटी का यमुना विहार में पेड़ों की अवैध कटाई पर कार्रवाई का निर्देश
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। यमुना विहार इलाके में पेड़ों की अवैध कटाई के एक मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उप वन संरक्षक (उत्तर) को कार्रवाई का निर्देश दिया है। यह आदेश एनजीटी की प्रधान पीठ ने एसडी विंडलेश की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि यमुना विहार स्थित एक मकान में एक निर्माणकर्ता द्वारा गहरी खोदाई की गई, जिससे एक पेड़ गिर गया और उसके साथ दो अन्य पेड़ भी क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने इस घटना की शिकायत 15 जून, 2025 को उप वन संरक्षक को दी थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एनजीटी ने साफ कहा कि याचिकाकर्ता की पहली दो मांगें, प्राथमिकी दर्ज करने और परिसर सील करना, सीआरपीसी के दायरे में आती हैं, जिस पर न्यायाधिकरण सीधे आदेश नहीं दे सकता। इस कारण याचिकाकर्ता ने इन दोनों मांगों को वापस ले लिया। हालांकि, तीसरी मांग पर विचार करते हुए अधिकरण ने कहा कि दिल्ली पेड़ संरक्षण अधिनियम, 1994 के तहत उप वन संरक्षक की जिम्मेदारी बनती है कि वह पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई करें।
विज्ञापन
नई दिल्ली। यमुना विहार इलाके में पेड़ों की अवैध कटाई के एक मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उप वन संरक्षक (उत्तर) को कार्रवाई का निर्देश दिया है। यह आदेश एनजीटी की प्रधान पीठ ने एसडी विंडलेश की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि यमुना विहार स्थित एक मकान में एक निर्माणकर्ता द्वारा गहरी खोदाई की गई, जिससे एक पेड़ गिर गया और उसके साथ दो अन्य पेड़ भी क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने इस घटना की शिकायत 15 जून, 2025 को उप वन संरक्षक को दी थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एनजीटी ने साफ कहा कि याचिकाकर्ता की पहली दो मांगें, प्राथमिकी दर्ज करने और परिसर सील करना, सीआरपीसी के दायरे में आती हैं, जिस पर न्यायाधिकरण सीधे आदेश नहीं दे सकता। इस कारण याचिकाकर्ता ने इन दोनों मांगों को वापस ले लिया। हालांकि, तीसरी मांग पर विचार करते हुए अधिकरण ने कहा कि दिल्ली पेड़ संरक्षण अधिनियम, 1994 के तहत उप वन संरक्षक की जिम्मेदारी बनती है कि वह पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई करें।
विज्ञापन