NGT ने चायनीज सहित सभी तरह के मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर लगाया बैन
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बुधवार को कांच लगे मांझे के प्रयोग पर रोक पूरे देश में रोक लगा दी है। इसमें चीनी मांझा भी शामिल है। हालांकि ट्रिब्यूनल ने मांझे की बिक्री और प्रयोग पर अभी अंतरिम रोक लगाई है।
एनजीटी में सुनवाई के दौरान मांझा एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने तर्क रखा कि यह मांझा पूरी तरह बायो डिग्रेबल है। कोर्ट ने मांझे पर अंतरिम रोक लगाते हुए एसोसिएशन को अपना पक्ष रखने तक अंतिम फैसला देने से इनकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई एक जनवरी 2017 को होगी।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आने वाला समय त्यौहारों का है और इसमें मांझे का प्रयोग बढ़ने की संभावना है जिससे दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं ऐसे में इसे प्रतिबंधित किया जाना जरूरी है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर मांग की गई थी कि देश भर में नायलॉन, सिंथेटिक या कांच कोटेड मांझे की बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। इसे ही आम भाषा में चायनीज मांझा भी कहते हैं।
पेटा ने भी की थी बैन की मांग
कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए याचिकाकर्ताओं को एनजीटी में जाने की सलाह दी थी। याचिकाकर्ताओं की शिकायत थी कि चायनीज मांझे के प्रयोग के चलते पूरे देश में पिछले दो साल में 50 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं।
इसके साथ ही पेटा ने भी इस मांझे के प्रयोग को रोकने की मांग की थी क्योंकि इससे इंसानों के साथ जानवरों को भी चोट पहुंचती है और उनकी जान भी जाती है।
फिलहाल एनजीटी ने सभी पक्षों को अपनी राय रखने के लिए एक जनवरी 2017 तक का समय दिया है जिसके बाद ही इस मामले में अंतिम फैसला सामने आएगा।