केजरीवाल नहीं दे पाएंगे दिल्ली चुनाव में वोट!
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आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के दिल्ली का निवासी ना होने का दावा करते हुए मौलिक भारत नाम के एनजीओ ने उनके एक आवेदन को चैलेंज किया है।
इस आवेदन को केजरीवाल ने दिल्ली चुनाव के मद्देनजर अपना पता दिल्ली में करवाने को दिया था। इस एनजीओ ने इलेक्शन कमीशन को चिट्ठी लिखते हुए केजरीवाल को दिल्ली की बीके दत्त कॉलोनी का वोटर आईडी कार्ड न देने का निवेदन किया है।
13 जनवरी को चुनाव आयोग को लिखे अपने पत्र में एनजीओ ने केजरीवाल के आवेदन को चैलेंज किया है, जिसमें उन्होंने अपना पता तिलक मार्ग से बीके दत्त कॉलोनी करने को कहा है।
बता दें कि कुछ दिनों पहले ही आप ने अपना पहला पहला आवेदन वापस ले लिया था, जिसमें उन्होंने केजरीवाल का पता तिलक मार्ग से रफी मार्ग स्थित विट्ठलभाई पटेल हाउस करने की याचना की थी।
'दोहरा मापदंड अपनाते हैं केजरीवाल'
आप द्वारा उस आवेदन को वापस लिए जाने के कारण बीजेपी को उसपर प्रहार करने का मौका मिल गया। दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर का इस बात पर कहना है कि, 'ये दोहरा मापदंड है। केजरीवाल को पुलिस सुरक्षा तो गाजियाबाद पुलिस देती है और वो दावा करते हैं कि वो दिल्ली में रहते हैं। ऐसा कैसे मुमकिन है?'
मौलिक भारत ट्रस्ट के सदस्य कहते हैं कि केजरीवाल के नए आवेदन को भी इसी आधार पर कैंसिल किया जाना चाहिए। ट्रस्ट के सदस्य का कहना है कि हमें गाजियाबाद पुलिस से एक आरटीआई के जवाब में ये बात पता चली है कि केजरीवाल ने खुद कहा है कि वो कौशांबी(गाजियाबाद) में रहते हैं।
सदस्य ने आगे कहा कि उन लोगों ने चुनाव आयोग को पर्याप्त सबूत मुहैया कराए हैं। इन्हीं के आधार पर केजरीवाल का पहला आवेदन 9 जनवरी को खारिज कर दिया गया था। मौलिक भारत के अजय अग्रवाल ने बताया कि उसी दिन केजरीवाल ने अपना पता बदलवाने के लिए एक अन्य आवेदन डाला था।
'पिछले दो सालों से बीके दत्त कॉलोनी के कमरे इस्तमाल कर रही है आप'
एनजीओ के इस आरोप के बारे में जब आप के नेताओं से बात की गई तो उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया है। आप का कहना है कि वर्तमान में जो आवेदन डाला गया है वो तिलक मार्ग से बीके दत्त कॉलोनी में पता बदलवाने के लिए डाला गया है।
उनका कहना है कि उन्होंने 8-10 दिन पहले ही इसके लिए आवेदन डाल दिया था। आप ने यहां दो कमरे किराए पर ले रखे हैं, जहां अक्सर केजरीवाल रहते हैं। ये कमरे पार्टी ने पिछले दो सालों से ले रखे हैं। एक कमरा ग्राउंड फ्लोर पर है जो ऑफिस यूज के लिए है और दूसरा पहली मंजिल पर है जो रिहायश के लिए है।
रफी मार्ग वाले पते की बात पर आप सदस्य ने बताया कि हमने वहां के लिए पहले आवेदन दिया था। वहां हमें घर मिला भी था पर वो ऑफिशियल यूज के लिए था और चुनाव आयोग ऐसे पते पर वोटर कार्ड नहीं बनाती इसलिए हमने रफी मार्ग वाले पते के लिए आवेदन वापस ले लिया।
पिछले चुनाव में थे दिल्ली के मतदाता
केजरीवाल ने 2013 में 41, हनुमान रोड के रजिस्टर्ड वोटर के रूप में चुनाव लड़ा था। उस वक्त पार्टी का मुख्यालय वहीं था। इसके बाद जब वो मुख्यमंत्री बने और तिलक मार्ग रहने लगे तब उन्होंने लोकसभा चुनाव में अपना वोट वहीं से दिया था।
अब जब उन्होंने वहां से घर बदल लिया है तो उन्होंने पता बदलने के लिए आवेदन दे दिया है। हांलाकि उनका परिवार कौशांबी के गिरनार अपार्टमेंट में रहता है। यह घर उनकी पत्नी को आवंटित है, जो एक आईआरएस अफसर हैं।
मौलिक भारत ट्रस्ट ने चुनाव आयोग को लिखे अपने पत्र में दावा किया है कि, केजरीवाल ने ये घोषणा की है कि दिल्ली के 40 विधानसभा क्षेत्र, पार्ट नं. 111 सीरीयल नंबर 515 से शिफ्ट हो चुके हैं। उनका आवेदन आपके कार्यालय द्वारा ठुकराया जा चुका है।
केजरीवाल ने अपने ताजा आवेदन में खुद को बीके दत्त कॉलोनी के K 87, कर्बला, लोधी रोड का रहने वाला बताया है। यूपी पुलिस के सामने कई दस्तावेज पेश किए गए हैं, जिसमें केजरीवाल ने खुद को गाजियाबाद, यूपी का निवासी स्वीकार किया है। उसमें उन्होंने किसी भी परिस्थिति में खुद को दिल्ली का निवासी नहीं बताया है।
हालांकि दिल्ली निर्वाचन कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि इस तरह के किसी भी आवेदन को पूरे प्रॉसेस से होकर गुजरना पड़ता है, जिसमें 7-10 दिन लगते हैं। इस दौरान कोई भी आवेदन को चैलेंज कर सकता है।