सरकार और नौकरशाही की तकरार के बीच केजरीवाल के मंत्रियों ने अफसरों से काम कराने का निकाला खास तरीका
दिल्ली की चुनी हुई सरकार और नौकरशाही में चल रहे संघर्ष के बीच बृहस्पतिवार को नया मोड़ आ गया। मंत्री अपने विभागीय अधिकारियों को आदेश जारी कर रहे हैं कि वह अपने अधीन चलने वाले सभी प्रोजेक्ट व दूसरे विभागीय मामलों की साप्ताहिक रिपोर्ट दाखिल करें।
इसके लिए सरकार ने ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स (टीबीआर) का सहारा लिया है। इस तरह का आदेश बृहस्पतिवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को जारी भी कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि सभी मंत्री विभागीय अधिकारियों को इस तरह के आदेश जारी करेंगे।
दरअसल, मुख्य सचिव के साथ मुख्यमंत्री आवास में हुई मारपीट के बाद दिल्ली सरकार के अधिकारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारियों ने हालांकि काम बंद नहीं किया है, लेकिन मंत्रियों के साथ होने वाली किसी बैठक में शामिल होने को वह तैयार नहीं हैं।
इसके पीछे अधिकारी एसोसिएशन का कहना है कि मारपीट की घटना से चुनी हुई सरकार और नौकरशाही में गहरी खाई पैदा कर दी है। दोनों के बीच विश्वसनीयता का संकट पैदा हो गया है। बगैर इसका निपटारा हुए वह औपचारिक माध्यम से आने वाले आदेश को मानेंगे।
अधिकारियों के विरोधी तरीके की काट सरकार बिजनेस ऑफ ट्रांजेक्शन रूल्स (टीबीआर) से निकालने की कोशिश कर रही है। मनीष सिसोदिया ने अपने पत्र में टीबीआर के नियम-17 का हवाला दिया है, जिसमें आला अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वह अपने काम की साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार करें।
प्रत्येक सोमवार (अवकाश होने की हालत में अगले दिन) मंत्री के सामने पेश करनी होगी। इसकी कॉपी मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल को भेजी जाएगी। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि दिसंबर 2016 में इससे जुड़ा एक आदेश सरकार ने जारी भी किया था, बावजूद इसके कई महीनों से साप्ताहिक रिपोर्ट उनको नहीं मिल रही है।
साथ ही निर्देश भी दिया है कि 26 फरवरी से दोबारा से साप्ताहिक रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होगी। आला सूत्र बताते हैं कि फिलहाल शिक्षा विभाग से इसकी शुरुआत हुई है। अगले एक-दो दिन में सभी मंत्री इस तरह का आदेश जारी कर सकते हैं।