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टोल पर फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान तावड़ू को
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 14 Jul 2014 09:25 AM IST
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हरियाणा सरकार की टोल नीति का इंतजार करने वाले गुड़गांव और फरीदाबाद के लोगों को बड़ा झटका लगा है। खासकर तावड़ू क्षेत्र के लोगों को।
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सरकार की ओर से जिन टोल प्लाजा की दर कम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, उसमें गुड़गांव व फरीदाबाद के टोल प्लाजा नहीं शामिल हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से शनिवार को टोल दर कम करने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी में गुड़गांव व फरीदाबाद को नहीं शामिल किया गया। प्रस्ताव में इन टोल प्लाजा की 30 किमी परिधि में आने वाले गांव को 50 प्रतिशत की राहत देने की बात कही गई है।
टोल प्लाजा को लेकर सबसे अधिक आंदोलन गुड़गांव व फरीदाबाद में किए गए हैं। माना जा रहा था कि प्रदेश सरकार की ओर से इनको भी शामिल किया जाएगा। टोल हटाओ संघर्ष समिति के बैनर तले काफी आंदोलन भी हो चुके हैं। गुड़गांव-फरीदाबाद टोल प्लाजा पर तो स्थानीय गांव वालों का विरोध अब भी जारी है।
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टोल हटाओ संघर्ष समिति मुख्यमंत्री से करेगी मुलाकात
टोल हटाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी आरएस राठी का कहना है कि गुड़गांव व फरीदाबाद को भी नए टोल टैक्स से राहत दिलाने के लिए शामिल करने की मांग को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
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तावडू को होगा सबसे अधिक नुकसान
गुड़गांव व मेवात के कोने पर बसे तावड़ू क्षेत्र में रहने वालों को टोल प्लाजा पर राहत न मिलने पर सबसे अधिक झटका लगा है। तावड़ू के लोगों को अगर गुड़गांव आना होता है तो टोल के चक्कर में सोहना होकर गुजरना होता है। अगर 30 किमी की परिधि का लाभ उसे दिया जाता तो काफी राहत मिल जाती।