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JNU में नया विवादित पोस्टर, 'होली पर दलित महिलाओं का रेप कर जलाया जाता था'

Sun, 27 Mar 2016 10:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 27 Mar 2016 10:15 AM IST
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new poster against holi in jnu
जेएनयू में होली पर विवादित पोस्टर - फोटो : अमर उजाला

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में मनुस्मृति के पन्ने जलाने के बाद एक नया पोस्टर विवाद शुरू हो गया है। कैंपस में से नो टू होली नाम से पोस्टर लगा है, जोकि फ्लैम्स ऑफ रिसिस्टेंस (फॉर ) की ओर से लगाया गया है।

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पोस्टर में लिखा है कि प्रह्लाद को बचाने के लिए होलिका का आग में जलने की कहानी झुठी है। जबकि वास्तविकता यह है कि आर्य मनु को खुश करने के लिए पहले दलित महिलाओं का रेप करते थे और बाद में उनको सामुहिक आग लगाकर जला देते थे।
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वहीं, व्हाटसऐप पर भी प्रह्लाद को होलिका का रेप करने और जलाने का दोषी देने वाली जानकारियां सांझी की जा रही हैं। जेएनयू कैंपस में शनिवार को सामने आए पोस्टर यूं तो होली के दिन लगाए गए थे, लेकिन जानकारी बाहर नहीं आ सकी।
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हॉस्टल, कैंटीन, ढाबा से लेकर मार्केट में हर जगह यह पोस्टर लगे हुए हैं। हालांकि पोस्टर में किसी भी संगठन का नाम नहीं है, लेकिन दलित वर्ग से संबंरति छात्र इस पोस्टर को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं।

पोस्टर में लिखा है कि आर्य दलितों को घृणा की नजर से देखते थे। होली के त्योहार में दलित महिलाओं का यौन शोषण होता था, जिसे वे एक जश्न के रूप में मनाते थे। इसके बाद इन दलित महिलाओं को जला दिया जाता था।

पोस्टर के माध्यम से कैंपस का माहौल बिगाड़ने की कोशिश

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जेएनयू में होली पर विवादित पोस्टर - फोटो : अमर उजाला

हालांकि इस पोस्टर के सामने आने के चलते कैंपस का माहौल फिर से गरमाने लगा है। पोस्टर में यह भी लिखा है कि आर्य दलित महिलाओं को नगरवधु बनाकर रखते थे।

बता दें कि आठ मार्च को विश्व महिला दिवस पर कैंपस में पांच छात्रों ने विश्वविद्यालय की अनुमति के बगैर साबरमती ढाबे के सामने मनुस्मृति के कुछ पन्ने जलाये थे।

इन छात्रों का कहना था कि इसमें दलित महिलाओं की आजादी को हनन करने वाले वाक्य थे, जिसके चलते उन्होंने जलाया था। हालांकि इस मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।

इस पोस्टर के माध्यम से अब सामान्य वर्सेस एससी छात्रों को लड़वाने की साजिश रची गयी है। क्योंकि इस पोस्टर पर विवाद होगा। पोस्टर में आर्यों को दलित महिलाओं के शोषण की बात कहकर होली से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश की जा रही है। -सौरभ शर्मा, संयुक्त सचिव, जेएनयू छात्रसंघ व एबीवीपी पदाधिकारी।

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