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बसाया जाएगा नया ग्रेटर नोएडा: अभी तेजी से बढ़ रही आबादी और प्रदूषण, हाईटेक सिटी बनाने का खाका तैयार
Wed, 26 Feb 2025 10:39 PM IST
श्याम जी.
शशांक मिश्र, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
शशांक मिश्र, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: श्याम जी.
Updated Wed, 26 Feb 2025 10:39 PM IST
सार
ग्रेटर नोएडा शहर विकसित होने के बाद भी कई वर्षों तक आबादी के लिहाज से लोगों की पसंद नहीं बन पाया। इसके पीछे सार्वजनिक परिवहन की कमी को बड़ा कारण माना गया। यही कारण है कि ग्रेटर नोएडा के फेज-2 में सबसे ज्यादा जोर पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर किया जा रहा है।
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी और प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा फेज-2 को विकसित करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण नए ग्रेटर नोएडा को आधुनिक, हरित और हाईटेक सिटी के रुप में विकसित करने की योजना बना रहा है। यही कारण है कि ग्रेटर नोएडा-2 का 16 फीसदी यानी 7,908.60 हेक्टेयर ग्रीन एरिया होगा। वहीं, 1073.96 हेक्टेयर एरिया में फॉरेस्ट एरिया डेवलप किया जाएगा।
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ग्रेटर नोएडा शहर विकसित होने के बाद भी कई वर्षों तक आबादी के लिहाज से लोगों की पसंद नहीं बन पाया। इसके पीछे सार्वजनिक परिवहन की कमी को बड़ा कारण माना गया। यही कारण है कि ग्रेटर नोएडा के फेज-2 में सबसे ज्यादा जोर पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के सबसे नजदीक शहर होने का लाभ उठाने के साथ ही ग्रेटर नोएडा सार्वजनिक परिवहन के अन्य स्रोतों को विकसित करने की योजना में है।
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इसके लिए ग्रेटर नोएडा फेज- 2 के दादरी में बनने जा रहे मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और मेट्रो का विस्तार करने की योजना है। वहीं इस शहर को नोएडा में बनने वाले जेवर एयरपोर्ट, नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख सड़कों से जोड़ने के योजना पर काम शुरू किया गया है।
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गंगा नहर के किनारे बनेगा रेस्तरां और होटल
ऊपरी गंगा नहर के किनारे उच्च स्तरीय कार्यालय, रेस्तरां, होटल, वित्तीय संस्थान, व्यवसायिक सुइट आदि विकसित किया जाएगा। दरअसल, ग्रेटर नोएडा फेज-1 और फेज-2 में नहरों का व्यापक नेटवर्क है। फेज-2 में शामिल ऊपरी गंगा नहर को फ्रंट डेवलपमेंट किया जाएगा। यहां नहर के किनारे चौड़े सैरगाह पथों का विकास, ओपन एयर थियेटर (ओएटी), ढकी हुई बैठने की जगह, घाट क्षेत्र के साथ सार्वजनिक उद्यानों का विकास, पुलों, घंटाघरों आदि से गिरते पानी के फव्वारों, फूड प्लाजा, शौचालय, भव्य प्रवेश प्लाजा और पार्किंग सुविधाओं को विकसित करने की योजना है।
नए ग्रेटर नोएडा की कार्ययोजना एक नजर में
- शहर का 16 फीसदी हिस्सा (7,908.60 हेक्टेयर) ग्रीन जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
- 1,073.96 हेक्टेयर भूमि को फॉरेस्ट एरिया में बदला जाएगा।
- 1,422.20 हेक्टेयर में शैक्षणिक ग्रीन एरिया तैयार किया जाएगा।
- हर ब्लॉक में कम से कम 2 बड़े पार्क अनिवार्य रूप से बनाए जाएंगे।
- सोलर पैनल आधारित स्ट्रीट लाइट्स और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य होंगे।
सार्वजनिक परिवहन के साथ कनेक्टविटी पर काम
ग्रेटर नोएडा फेज-2 के विकास से पहले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टविटी मजबूत करने की योजना है। इसके साथ ही नोएडा मेट्रो के विस्तार के जरिये ग्रेटर नोएडा फेज-2 तक मेट्रो नेटवर्क बढ़ाने की योजना है। रेलवे और मेट्रो की कनेक्टविटी के लिए बोड़ाकी मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब को विकसित किया जा रहा है। नोएडा, यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी कर दिल्ली, लखनऊ और आगरा से भी शहर को जोड़ने की योजना है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि ने बताया कि हम आबादी और प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए नए ग्रेटर नोएडा का खाका तैयार कर रहे हैं। नोएडा एयरपोर्ट के साथ ही हम रेल और सड़क मार्ग से भी अपनी कनेक्टविटी मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। नया ग्रेटर नोएडा हाई-टेक सिटी के रुप में विकसित किया जाएगा।