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दिल्ली: ट्रैक पर दो टुकड़ों में मिला सेना के अधिकारी का शव, पिता बोले-बेटा खुदकुशी नहीं कर सकता
Tue, 30 Jul 2019 07:25 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 30 Jul 2019 07:25 PM IST
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सेना के एक डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत होने का मामला सामने आया है। सोमवार सुबह सैन्य अधिकारी का शव सदर बाजार रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। उनका सिर धड़ से अलग था। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने खुदकुशी का शक जताया है।
वहीं, डॉक्टर के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। रेलवे पुलिस उपायुक्त दिनेश कुमार गुप्ता का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार सेना में कैप्टन स्तर के इस अधिकारी की पहचान डॉक्टर दिवाकर पुरी (26) के रूप में हुई है। वे रोहिणी सेक्टर 17 में अपने परिवार और छोटे भाई जतिन पुरी के साथ रहते थे। पिता जीएल पुरी द्वारका स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च सेंटर में कार्यरत हैं।
परिजनों के मुताबिक कैप्टन दिवाकर का करीब ढाई साल पहले सेना में बतौर डॉक्टर चयन हुआ था। उनकी तैनाती राजस्थान के सूरतगढ़ में थी। उन्हें दो माह की ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजा गया था।
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वहीं, डॉक्टर के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। रेलवे पुलिस उपायुक्त दिनेश कुमार गुप्ता का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार सेना में कैप्टन स्तर के इस अधिकारी की पहचान डॉक्टर दिवाकर पुरी (26) के रूप में हुई है। वे रोहिणी सेक्टर 17 में अपने परिवार और छोटे भाई जतिन पुरी के साथ रहते थे। पिता जीएल पुरी द्वारका स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च सेंटर में कार्यरत हैं।
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परिजनों के मुताबिक कैप्टन दिवाकर का करीब ढाई साल पहले सेना में बतौर डॉक्टर चयन हुआ था। उनकी तैनाती राजस्थान के सूरतगढ़ में थी। उन्हें दो माह की ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजा गया था।
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ट्रेनिंग के बाद वे 28 जुलाई को लखनऊ से दिल्ली आने के लिए श्रमजीवी ट्रेन पर सवार हुए थे। ट्रेन करीब पौने पांच बजे पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची और करीब सवा ग्यारह बजे पुलिस को सदर बाजार रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर कैप्टन का शव मिलने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक कैप्टन का एक मोबाइल फोन गायब है, जिसकी तलाश की जा रही है।
छह घंटे के रहस्य को सुलझाने में जुटी पुलिस
कैप्टन ट्रेन के कोच संख्या एचए 1 में यात्रा कर रहे थे। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन आने के बाद सभी यात्री ट्रेन से उतर गए। कोच अटेंडेंट वीरेंद्र जब केबिन में पहुंचकर दिवाकर को जगाया और स्टेशन आने की जानकारी दी। कुछ देर बाद जब अटेंडेंट केबिन में वापस आया तो उसने वहां दो ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग देखकर इसकी जानकारी आरपीएफ कर्मियों को दी।
आरपीएफ ने सामान को अपने कब्जे में कर उसकी तलाशी ली। बैग से कैप्टन दिवाकर का पहचान पत्र मिला। आरपीएफ ने आर्मी हेडक्वार्टर को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद सेना के कर्मचारी स्टेशन पहुंचे। इसी बीच दिवाकर के परिजन भी स्टेशन पहुंच गए। उसके बाद सभी प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन आ गए।
छह घंटे के रहस्य को सुलझाने में जुटी पुलिस
कैप्टन ट्रेन के कोच संख्या एचए 1 में यात्रा कर रहे थे। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन आने के बाद सभी यात्री ट्रेन से उतर गए। कोच अटेंडेंट वीरेंद्र जब केबिन में पहुंचकर दिवाकर को जगाया और स्टेशन आने की जानकारी दी। कुछ देर बाद जब अटेंडेंट केबिन में वापस आया तो उसने वहां दो ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग देखकर इसकी जानकारी आरपीएफ कर्मियों को दी।
आरपीएफ ने सामान को अपने कब्जे में कर उसकी तलाशी ली। बैग से कैप्टन दिवाकर का पहचान पत्र मिला। आरपीएफ ने आर्मी हेडक्वार्टर को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद सेना के कर्मचारी स्टेशन पहुंचे। इसी बीच दिवाकर के परिजन भी स्टेशन पहुंच गए। उसके बाद सभी प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन आ गए।
मामले की छानबीन चल ही रही थी कि सवा ग्यारह बजे सदर बाजार रेलवे स्टेशन पर एक शख्स के ट्रेन से कटने की जानकारी मिली। सूचना पर कैप्टन के भाई भी सदर बाजार रेलवे स्टेशन पहुंचे। जहां फोटो देखकर उसने अपने भाई के शव की पहचान की। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद करीब छह घंटे तक कैप्टन कहां रहे और वह सदर बाजार रेलवे स्टेशन कैसे पहुंचे यह एक पहेली बनी हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर इस रहस्य से पर्दा उठाने की कोशिश में जुटी है।
बेटा दृढ़ स्वभाव का था वह खुदकुशी नहीं कर सकता-पिता
कैप्टन के पिता जीएल पुरी ने बताया कि उसका बेटा दृढ़ स्वभाव का था वह खुदकुशी नहीं कर सकता है। उन्होंने बेटे की हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि रविवार को जब वह ट्रेन पर सवार हुआ था तो उन्होंने फोन किया था। लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। ट्रेन के पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के दौरान भी फोन किया था लेकिन उसने फोन नहीं उठाया।
बेटा दृढ़ स्वभाव का था वह खुदकुशी नहीं कर सकता-पिता
कैप्टन के पिता जीएल पुरी ने बताया कि उसका बेटा दृढ़ स्वभाव का था वह खुदकुशी नहीं कर सकता है। उन्होंने बेटे की हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि रविवार को जब वह ट्रेन पर सवार हुआ था तो उन्होंने फोन किया था। लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। ट्रेन के पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के दौरान भी फोन किया था लेकिन उसने फोन नहीं उठाया।