AAP के अयोग्य विधायकों पर कुछ ऐसा बोल गए नए मुख्य चुनाव आयुक्त, पढ़ें पूरी खबर
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ओम प्रकाश रावत ए के जोती के बाद नए चुनाव आयुक्त बने हैं, वह मंगलवार से अपना कार्यकाल संभाल रहे हैं। जब उनसे यह सवाल किया गया कि आम आदमी पार्टी का कहना है कि लाभ का पद मामले पर पार्टी को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया।
तो इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कहा कि 'आप के विधायकों के पास दो मौके थे चुनाव आयोग से सुनवाई के लिए अनुरोध करने के पर उन्होंने कुछ नहीं किया।' हालांकि पार्टी का शुरू से यह कहना है कि उन्हें कुछ बोलने का मौका नहीं दिया गया।
उनसे जब यह सवाल किया गया कि चुनाव आयोग ने अपने पिछले निर्णय जो कि 23 जून, 2017 को सुनाया था में जिसमें कहा था कि सुनवाई के लिए आयोग अगली तारीख देगा। इस पर रावत ने कहा कि जो दो नोटिस दिए गए थे उनका उद्देश्य यही था।
अगर आप (पार्टी) को लगता था कि उनहें इस मुद्दे पर कुछ बोलना है तो उन्हें बोलना चाहिए था। यदि वह ये साबित करना चाहते थे कि उन्होंने लाभ के पद का प्रयोग नहीं किया तो उन्हें इसपर कुछ बोलना चाहिए था। अगर वो ऐसा चाहते तो हम सुनवाई के लिए तारीख भी रखते पर पार्टी ने ऐसा कुछ नहीं किया।
बता दें कि चुनाव आयोग ने शुक्रवार को अपनी सिफारिश राष्ट्रपति को भेज दी थी जिसमें यह कहा गया था कि आप के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी जाए क्योंकि वह संसदीय सचिव के पद पर हैं और लाभ के पद का प्रयोग कर रहे हैं। जिसके बाद इस सिफारिश पर राष्ट्रपति ने भी अपनी मुहर लगा दी और आप के 20 विधायक अयोग्य घोषित हो गए।