देश छोड़ भागा नेपाली महिलाओं का रेप करने वाला राजनयिक
सऊदी अरब के राजनयिक के गुड़गांव स्थित निवास में दो नेपाली महिलाओं के साथ महीनों से हो रहे बलात्कार मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने स्थानीय पुलिस से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
गुड़गांव के डीसीपी ईस्ट दीपक सहारन लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। इस बीच विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस मामले में किसी राजनयिक के शामिल होने की जांच की जा रही है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस को आरोपी के नाम का पता चल गया है और आशंका है कि वह पुलिस के हत्थे चढ़ने से पहले ही भारत छोड़ फरार हो चुका है। हालांकि दूतावास और विदेश मंत्रालय से जुड़ा होने की वजह से पुलिस इस मामले में कुछ भी खुलकर बोलने से बच रही है।
इस बीच नेपाल के एंबेसडर दीप उपाध्याय ने बताया है कि नेपाली दूतावास लगातार भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और स्थानीय पुलिस से संपर्क बनाए हुए है।
नेपाली राजदूत ने क्या कहा
दीप उपाध्याय ने बताया कि स्थानीय पुलिस से मिली सूचना के आधार पर दूतावास ने विदेश मंत्रालय से मदद की मांग की है ताकि राहत कार्य और जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
हालांकि नेपाल के एंबेसडर दीप ने आशा जाहिर की है कि नेपाली महिलाओं के साथ हुए इस घिनौने कारनामे की जांच के लिए स्थानीय पुलिस जरूरी कदम उठा रही है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दीप ने स्पष्ट किया है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि इस मामले में कोई राजनयिक शामिल है या नहीं।
उन्होंने साफ किया कि स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है और जब तक जांच की अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती इस बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है।
क्या है मामला
गुड़गांव पुलिस ने एक एनजीओ की शिकायत और नेपाली दूतावास की शिकायत के बाद डीएलएफ फेस-2 के एक फ्लैट में करीब साढ़े तीन माह से कैद नेपाल की दो युवतियों को पुलिस ने मुक्त कराया।
इस मामले को उजागर करने में दार्जिलिंग की रहने वाली युवती नीतू ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। बंधक बना कर रखी गई नेपाली युवतियों का आरोप है कि उन्हें बंधक बनाकर सऊदी अरब के लोगों के सामने पेश किया जा रहा था।
इसी घर में घरेलू काम के लिए रखी गई नीतू पूरा माजरा समझने के बाद आरोपियों के चंगुल से भाग निकली और एक एनजीओ पहुंचकर सारी बात बताई।