पेट में मरा बच्चा लेकर 3 दिन तक भटकती रही
फरीदाबाद में तमाम दावों के बावजूद बीके अस्पताल के डॉक्टरों की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आ रहा है।
चार माह की गर्भवती के पेट में बच्चा मर जाने के बाद उपचार कराने को वह तीन दिन तक भटकती रही। रविवार को पीएमओ से शिकायत होने पर उसका गर्भपात कराया गया।
बड़ौली निवासी राजबती ने बताया कि उसकी बेटी निशा चार माह की गर्भवती थी। तीन दिन पहले उसके पेट में दर्द होने लगा। उसे बीके अस्पताल लाया गया।
क्यों नहीं कर रहे थे उपचार?
यहां डॉक्टरों ने जांच कर बताया कि बच्चा पेट में ही मर चुका है। इसका गर्भपात किया जाएगा। गर्भपात के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। लेकिन किसी डॉक्टर ने उसकी सुध नहीं ली।
राजबती ने आरोप लगाया कि तीन दिन तक उसकी बेटी दर्द से तड़प रही। लेकिन कोई देखने वाला नहीं था। रविवार को दर्द से कराहते हुए पीड़िता बेहोश हो गई। परिजनों ने मौके पर मौजूद स्टाफ से जांच के लिए कहा।
जांच में पता चला कि भ्रूण से निशा के शरीर में जहर फैलने लगा है। इसके बाद भी डॉक्टर लापरवाही करते रहे। इससे परेशान होकर पीड़ित परिजनों ने इसकी शिकायत पीएमओ डॉ. किशन कुमार से की। फिर रविवार दोपहर उसका गर्भपात किया गया।