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खुशखबरी : जरूरतमंदों को मिलेगा अब अपना ‘आशियाना’
मुकेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 24 Nov 2015 05:14 PM IST
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फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी पर लगा ‘स्लम’ का दाग धुलने की उम्मीद जगी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हरियाणा के नौ जिलों का चयन हुआ है, जिनमें राजधानी से सटा फरीदाबाद और गुड़गांव भी शामिल है।
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केंद्र सरकार की इस योजना को बहुत जल्द रफ्तार मिलने जा रही है। इस योजना को मूर्त रूप देने का काम नगर निगम को सौंपा गया है। निगम इसके लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कराएगा, जिसके आधार पर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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आजादी के 75 साल पूरे हो जाने पर मोदी सरकार ने इस साल 25 जून को प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की थी। अगस्त में इस योजना के तहत नौ राज्यों के 305 शहरों की पहचान की गई थी, जिनमें हरियाणा शामिल नहीं था।
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प्रदेश सरकार ने अपना पक्ष मजबूती से रखते हुए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसके आधार पर राज्य के नौ जिलों का चयन इस योजना के तहत हुआ है। राज्य में इस योजना को अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक निगम चार श्रेणियों में योजना की डीपीआर तैयार करा केंद्र सरकार को भेजेगा। इसके बाद ग्रांट मिलेगी। नगर निगम अपनी जमीन पर गरीबों के लिए आवास तैयार कराएगा। अगर जमीन हुडा (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) की होगी तो उसपर आवास बनाने का जिम्मा भी निगम का होगा।
चार श्रेणियों में बनेंगे आवास
पहली श्रेणी: भूमि का संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए निजी प्रवर्तकों की भागीदारी से स्लम पुनर्वास।
दूसरी श्रेणी: ऋण से जुड़ी ब्याज सब्सिडी के माध्यम से कमजोर वर्ग के लिए किफायती आवास को प्रोत्साहन।
तीसरी श्रेणी: सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों के साथ भागीदारी के तहत कम दरों पर आवास की उपलब्धता।
चौथी श्रेणी: लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास के लिए सब्सिडी।
औद्योगिक नगरी के लिए कारगर योजना
एक रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई के बाद देश का सबसे बड़ा स्लम फरीदाबाद में है। जहां करीब 66 स्लम बस्तियों में लाखों लोग रहते हैं। दिल्ली से सटा होने और छोटे उद्योगों की संख्या अधिक होने के कारण देशभर से रोजगार की तलाश में यहां लोग आते हैं। रोजगार मिल भी जाए तो आशियाना नहीं मिल पाता। इससे स्लम को बढ़ावा मिलता है। 300 एकड़ में बसी इन बस्तियों को हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना औद्योगिक नगरी के लिए कारगर साबित हो सकती है।
योजना एक नजर में:
योजना के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर 4041 सांविधिक शहरों को तीन चरणों में कवर किया जाना है, जिसका ब्यौरा इस प्रकार है।
चरण------------अवधि---------------------संख्या
पहला-------अप्रैल 2015 से मार्च 2017-----------100 शहर
दूसरा-------अप्रैल 2017 से मार्च 2019-----------200 शहर
तीसरा------अप्रैल 2019 से मार्च 2022-----------शेष शहर
इन शहरों का हुआ चयन :
फरीदाबाद, गुड़गांव, करनाल, हिसार, रोहतक, सिरसा, यमुनानगर, पानीपत और सोनीपत।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के नौ शहरों को चयनित किया गया है। इस संबंध में पत्र भेजकर संबंधित जिलों के निगमायुक्तों को जानकारी दी जा चुकी है। प्रत्येक जिले को डीपीआर तैयार करनी होगी, जिसके आधार पर फंड मुहैया कराया जाएगा -पंकज अग्रवाल, निदेशक-शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय
यह अच्छे दिनों की शुरुआत है। केंद्र सरकार एक के बाद एक सौगात फरीदाबाद को दे रही है। इस योजना से न केवल औद्योगिक नगरी बल्कि पूरे प्रदेश का विकास होगा। -कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद फरीदाबाद