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तिवारी ने बेटे को टोपी तो नहीं पहना दी!

Wed, 05 Mar 2014 02:26 AM IST
Updated Wed, 05 Mar 2014 02:26 AM IST
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ND Tiwari accept his boilogical son, but..

पांच वर्ष चली लंबी सुनवाई के दौरान एनडी तिवारी ने हरसंभव प्रयास किया कि उनका डीएनए टेस्ट न हो। हाईकोर्ट से लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कई बार अहम फैसले दिए गए, लेकिन तिवारी किसी न किसी बहाने टेस्ट देने से बच गए।

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आखिरकार हाईकोर्ट ने कहा कि यदि अब भी तिवारी डीएनए टेस्ट के लिए तैयार नहीं होते तो पुलिस की मदद से जबरन उनके ब्लड का सैंपल ले लिया जाए। इसके बाद टेस्ट हो पाया।
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जब इतने सालों बाद तिवारी ने सबके सामने टोपी पहना कर रोहित को अपना पुत्र स्वीकारा तो यह सवाल उठना लाजमी है कि कहीं तिवारी ने अपने बेटे को असल में टोपी तो नहीं पहना दी।

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अभी चलता रहेगा हाईकोर्ट में मुकदमा

ND Tiwari accept his boilogical son, but..

भले ही तिवारी ने रोहित को पुत्र मान लिया हो लेकिन मुकदमा हाईकोर्ट में चलता रहेगा। इस मामले की सुनवाई 21 अप्रैल को होनी है। हालांकि, दोनों पक्ष चाहे तो पहले भी मामले का निपटारा हो सकता है।

दरअसल सोमवार को पितृत्व विवाद मामले का सात वर्ष के बाद पटाक्षेप हो गया। तिवारी के रोहित शेखर को पुत्र स्वीकार कर लिया। उसके बाद मीडिया को बुलाया गया और तिवारी ने रोहित को सबके सामने टोपी पहनाई।

दरअसल पहल जब रोहित और उज्जवला ने इस संबंध में तिवारी से बात की तो उन्होंने उसको बेटा मानने से इंकार कर दिया। रोहित ने सबसे पहले 13 सितंबर 2007 को याचिका दायर की। वर्ष 2010 में उनकी याचिका स्वीकार हुई थी।

आखिरकार रोहित को मिल गया अपने पिता का नाम

ND Tiwari accept his boilogical son, but..

रोहित का जन्म 15 फरवरी 1979 को हुआ था। उनको उज्जवला शर्मा के पति बीपी शर्मा का नाम मिला था। स्कूल से लेकर कॉलेज तक हर दाखिले व प्रमाणपत्र पर रोहित के पिता के नाम के स्थान पर बीपी शर्मा का नाम दर्ज रहा।

करीब आठ वर्ष पूर्व रोहित को पता चला कि उनके पिता शर्मा नहीं बल्कि एनडी तिवारी हैं। रोहित व उज्जवला ने इस संबंध में तिवारी से बात की तो उन्होंने उसको बेटा मानने से इंकार कर दिया। रोहित ने सबसे पहले 13 सितंबर 2007 को याचिका दायर की। वर्ष 2010 में उनकी याचिका स्वीकार हुई थी।

लेकिन सोमवार को सबसे के सामने एनडी ने खुद पहल करते हुए विवाद समाप्त कर दिया और रोहित को अपना बेटा मान लिया। इससे अब रोहित को अपने पिता का नाम मिल जाएगा।

बेटे को बेटा मानते ही बिगड़ गया स्वास्‍थ्य!

ND Tiwari accept his boilogical son, but..

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एनडी तिवारी जांच के लिए सोमवार को एम्स पहुंचे। इस दौरान रोहित और उज्जवला भी उनके साथ रहे।

एम्स के प्रवक्ता डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि उन्हें कुछ घंटे के लिए मेडिसिन डिपार्टमेंट में भर्ती कराया गया था। यहां उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच चल रही है। इस बीच तिवारी ने कहा कि वह परिवार के साथ होने से खुश हैं।

ये उनके परिवार के सदस्य थे और रहेंगे। उन्होंने कहा कि वो कोर्ट में भी यही कहेंगे। यह एक पारिवारिक मामला है।

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