नोएडा-ग्रेनो मेट्रो के लिए 1587 करोड़ रुपए देगा NCR बोर्ड
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) प्लानिंग बोर्ड ने एक अहम फैसले में उत्तर प्रदेश और हरियाणा की नौ यातायात परियोजनाओं को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। इनमें गाजियाबाद में छह लेन की एलिवेटेड सड़क और नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो परियोजना शामिल है।
बोर्ड गाजियाबाद में एलिवेटेड रोड के लिए 700 करोड़ रुपये का लोन उपलब्ध करवाएगा। इसके तहत एक ही खंभे पर छह लेन की 10.3 किमी लंबी एलिवेटेड सड़क बनेगी, जो देश में अपनी तरह की पहली सड़क होगी।
इस पर 1148 करोड़ की लागत का अनुमान है और इसके इस साल के अंत तक तैयार होने की संभावना है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण इस परियोजना को तैयार कर रहा है।
परियोजना का 70 फीसदी हिस्सा नोएडा में होगा
इसके अलावा नोएडा-ग्रेटर नोएडा की 29.7 किमी की मेट्रो परियोजना के लिए बोर्ड लोन के रूप में 1587 करोड़ रुपये देगा। यह परियोजना 5533 करोड़ रुपये की है। यह मेट्रो लाइन सेक्टर-71 में सिटी जंक्शन होगा जो सेक्टर 142 को डिपो स्टेशन को जोड़ेगा।
इस लाइन का 70 फीसदी हिस्सा नोएडा में होगा, जो इलाके की बेहतर सार्वजनिक परिवहन की मांग को पूरा करेगा। हालांकि, इस परियोजना को अभी केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
इन परियोजनाओं से सड़क पर ट्रैफिक का बोझ कम होगा और दिल्ली के आसपास के इलाकों में प्रदूषण घटेगा। शहरी विकास सचिव मधुसूदन प्रसाद की अध्यक्षता में बोर्ड के ‘प्रोजेक्ट मंजूरी और निगरानी समूह’ ने सोमवार को 7,838 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर चर्चा की, जिन्हें 3113 करोड़ के सहयोग का फैसला किया गया।
मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे के विकास में भी देगा मदद
बोर्ड के सदस्य सचिव बीके त्रिपाठी ने कहा कि किसी एक बैठक में लोन के रूप में सहायता का यह सबसे बड़ा फैसला है। यूपी की परियोजनाओं पर 6681 करोड़ की लागत आएगी, जिसमें से बोर्ड 2287 करोड़ का सहयोग करेगा।
हरियाणा ने 1157 करोड़ की लागत से सात परियोजनाओं का प्रस्ताव दिया था। उसे 726 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। इसमें 458 करोड़ की लागत से 25.33 किमी लंबे मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे के विकास में बोर्ड 343.85 करोड़ की मदद करेगा।
यह वेस्टर्न पेरिफेरल रोड एनएच-8 को एनएच-2 से जोड़ता है, जिससे कि दिल्ली के बाहर-बाहर ही गाड़ियां गुजर सकें। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली इस परियोजना के 12 माह में पूरा होने की संभावना है।
राज्य मार्ग संख्या-26 पर 38.41 किमी लंबी गुड़गांव-पटौदी-रेवाड़ी रोड पर 354 करोड़ रुपये खर्च होंगे जिसमें से 265.50 करोड़ रुपये प्लानिंग बोर्ड से लोन के रूप में मिलेंगे। एनएच-8 के समानांतर की इस सड़क से हीरा होंडा चौक और अन्य जगहों पर ट्रैफिक का बोझ कम होगा।