{"_id":"5e5edcba8ebc3eeb694675c2","slug":"nbcc-gets-approval-to-acquire-jaypee-infratech","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनबीसीसी को जेपी इंफ्राटेक के अधिग्रहण की मंजूरी मिली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनबीसीसी को जेपी इंफ्राटेक के अधिग्रहण की मंजूरी मिली
Wed, 04 Mar 2020 04:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 04 Mar 2020 04:09 AM IST
विज्ञापन
nbcc
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने कर्ज में डूबी जेपी इंफ्राटेक की ऋण समाधान योजना के तहत उसकी अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एनबीसीसी के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। एनबीसीसी, जेपी इंफ्रा की अटकी परियोजनाओं में 20,000 फ्लैट साढ़े तीन साल में पूरा करेगी और उन लोगों को घर देगी, जिन्हें परियोजना लटकने के कारण अब तक नहीं मिले।
विज्ञापन
न्यायाधिकरण के कार्यवाहक अध्यक्ष बीएस वी प्रकाश कुमार की अध्यक्षता वाली प्रधान पीठ ने एनबीसीसी द्वारा प्रस्तुत समाधान योजना को मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव को जेपी इंफ्राटेक के कर्जदाताओं ने पिछले साल दिसंबर में ही मंजूरी दे दी थी। न्यायाधिकरण ने यह भी आदेश दिया कि जेपी इंफ्राटेक की मूल कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स द्वारा जमा 750 करोड़ रुपये इस योजना का हिस्सा होंगे।
विज्ञापन
यह पैसा उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री में जमा है। इससे एनबीसीसी को अटकी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। पीठ ने अपने मौखिक आदेश में कहा, कि 750 करोड़ रुपये योजना का हिस्सा माना जाएंगे।’हालांकि लिखित आदेश बुधवार को उपलब्ध होगा।
विज्ञापन
सफल समाधान योजना से जेपी इंफ्राटेक की उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में फंसे 20,000 से अधिक मकान खरीदारों को राहत मिलेगी। एनबीसीसी ने अगले साढ़े तीन साल में 20,000 से अधिक लंबित फ्लैट पूरा करने का प्रस्ताव किया है।
इससे न केवल जेपी इंफ्राटेक के मकान खरीदारों को राहत मिलेगी बल्कि रीयल एस्टेट क्षेत्र को भी गति मिलेगी। यह मामला अगस्त 2017 में ऋण शोधन प्रक्रिया में गया था। जेपी इंफ्राटेक के कर्जदाताओं की समिति ने पिछले साल दिसंबर में एनबीसीसी की समाधान योजना को मंजूरी दे दी थी। समिति में 13 बैंक और करीब 21,000 मकान खरीदार शामिल हैं।