जिस यूनिवर्सिटी की नाना ने रखी नींव उसकी पहली महिला चांसलर बनी नजमा हेपतुल्ला
जामिया से भावनात्मक रिश्ता : डॉ. हेपतुल्ला
- जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पहली महिला कुलाधिपति डॉ. नजमा हेपतुल्ला ने पदभार संभाला
- 102 फीट ऊंचा तिरंगा, वॉल ऑफ हीरो और वॉल ऑफ जामिया फाउंडर का किया उद्घाटन
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जामिया मेरे लिए सिर्फ एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि मेरे खून के कतरे-कतरे में बसा है। जामिया से मेरा भावनात्मक रिश्ता भी है। यह एक ऐतिहासिक पल है, जब मुझे जामिया में तिरंगा फहराने का मौका मिला है।
मेरे नाना मौलाना अब्दुल कलाम आजाद इसी जामिया के संस्थापकों में से एक हैं। यह बात जामिया की पहली महिला व नई कुलाधिपति डॉ. नजमा हेपतुल्ला ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पदभार संभालाने के बाद छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कही।
डॉ. अंसारी ऑडिटोरियम में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में डॉ. हेपतुल्ला ने कहा कि जामिया से कई स्वतंत्रता सैनानियों का नाम जुड़ा रहा है, जिन्होंने हिंदोस्तान की आजादी की कहानी की शुरुआत लिखी और अब मुझे काम का मौका मिला है।
कैंपस में 102 फीट ऊंचा तिरंगा फहराया
डॉ. हेपतुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे सबका साथ-सबका विकास के साथ आगे बढ़ेंगे। एजेके मॉस कम्यूनिकेशन रिसर्च सेंटर, सेंटर फॉर नॉर्थ-ईस्ट स्ट्डीज एंड पॉलिसी रिसर्च पर फोकस रहेगा। इससे पहले डॉ. हेपतुल्ला ने जामिया कैंपस में 102 फीट ऊंचा तिरंगा फहराया।
इसके साथ ही 21 परमवीर चक्र विजेताओं पर आधारित वॉल ऑफ हीरो और जामिया फाउंडर पर आधारित जामिया वॉल ऑफ फाउंडर का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम के अंतर में डॉ. हेपतुल्ला ने सभी विभागों व स्कूल के प्रमुख से मुलाकात करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता पर सुधार का जोर दिया।
बता दें कि जामिया के फाउंडर में महात्मा गांधी, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, डॉ. जाकिर हुसैना, शाइखुल हिंद मौलाना मोहम्मद हसन, हाकिम अजमल खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर व डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी का नाम शामिल है।