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नवरात्र के पहले दिन कोई पर्स में तो कोई पल्लू में छिपा कर ले गया प्रसाद

Sat, 17 Oct 2020 05:56 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 17 Oct 2020 05:56 PM IST
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navratri 2020 even though there is restriction on offerings some hide in purse some in dress
नवरात्र में मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

नवरात्र के पहले दिन शहर के मंदिरों में श्रद्धालु मां के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करने से वंचित रहे। शीतला माता मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं से मंदिर के गेट पर ही प्रसाद, फूल-माला को रखवा दिया गया। वहीं, कुछ श्रद्धालु साड़ी के पल्लू, पर्स में छिपाकर मन्नत की चुन्नी व फूल, प्रसाद लेकर मंदिर में पहुंच गए।

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यहां पुजारी ने मन्नत की चुन्नी तो बांधने दी, लेकिन प्रसाद व फूल चढ़ाने से मना कर दिया, जिसके कारण श्रद्धालु बुझे मन से मां के चरणों में अर्पित करने लाए प्रसाद को वापस ले गए। वहीं, मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं के हाथों को सेनिटाइज कराने के साथ ही तापमान जांच के बाद प्रवेश दिया गया।
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जिला प्रशासन ने मंदिर में फूल-माला, प्रसाद ले जाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी थी। नवरात्र के पहले दिन शीतला माता मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को प्रसाद लेकर गेट से भी प्रवेश नहीं करने दिया गया। ऐसे में कई बार पुलिसकर्मियों से श्रद्धालुओं की बहस हुई।
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मंदिर के गेट के बाहर ही रखवाए जा रहे प्रसाद के थैले को पुजारी व कुछ प्रसाद दुकानदार ही चोरी छिपे उठा ले जाने लगे। इस पर मंदिर प्रबंधन ने प्रसाद के थैले व फूल को गेट से अंदर लाने की तो अनुमति दी, लेकिन भवन तक नहीं ले जाने दिया।

श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए मंदिर परिसर में शीतला माता की फोटो लगाकर प्रसाद व फूल को रखवाया जाने लगा। मंदिर में दर्शन करने से पहले जाने वाले श्रद्धालु प्रसाद को यहां रखकर जा रहे थे और वापस लौटते वक्त कुछ श्रद्धालु यहां से प्रसाद का थैला वापस लेकर जाने लगे।

कुछ महिलाओं ने मंदिर के अंदर प्रसाद ले जाने के लिए पर्स अथवा साड़ी के पल्लू में छिपा लिया और मंदिर प्रबंधन व पुलिस की नजरों से छिपाते हुए भवन के अंदर ले गए। यहां पुजारी ने प्रसाद लेने से मना कर दिया और वापस ले जाने को कहा।


ठप रहा प्रसाद का कारोबार
मंदिर के बाहर लगी प्रसाद की दुकानों पर भी कारोबार ठप रहा। कुछ श्रद्धालुओं ने प्रसाद न चढ़ता देख खरीदे गए प्रसाद को वापस दुकानदार को दे दिया। दुकानदार रमेश ने बताया कि कोरोना के कारण पहले ही प्रसाद की बिक्री बेहद कम हो रही थी। नवरात्र में काफी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन प्रसाद को भवन तक ले जाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में कुछ ही श्रद्धालु प्रसाद खरीद रहे हैं। कारोबार नाम मात्र के लिए ही रह गया है।

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