फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   national parties will get notice from cic if they dont reply RTI

आरटीआई का जवाब न देने पर सीआईसी में राष्ट्रीय पार्टियां होंगी तलब

Thu, 19 May 2016 10:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 19 May 2016 10:56 AM IST
विज्ञापन
national parties will get notice from cic if they dont reply RTI
सोनिया गांधी

केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) में बुधवार को सोनिया गांधी द्वारा आरटीआई लौटाने के मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सीआईसी ने कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में सोनिया गांधी के हस्ताक्षर न होने पर उन्हें स्वीकार नहीं किए।

विज्ञापन


अगली सुनवाई में बाकी की पांच राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा, एनसीपी, बीएसपी, सीपीआई और सीपीएम को भी जवाब तलब किया जाएगा। इन पार्टियों को भी सीआईसी की ओर से नोटिस भेजा जाएगा।
विज्ञापन


सीआईसी ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 20 जून तय की है।  सुनवाई में याचिकाकर्ता और प्रतिवादी की सुनवाई के दौरान तीखी नोंकझोक हुई।  सुनवाई एम श्रीधर आचार्युलु, सुधीर भार्गव और बिमल जुल्का की बेंच में हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की ओर से ऑथराइज रिप्रेंजेटेटिव के रूप में अधिवक्ता केसी मित्तल उपस्थित हुए।  केसी मित्तल ने याचिककर्ता आरके जैन को निशाना बनाया। उन्होंने जैन पर आरोप लगाए कि वे मीडिया में पब्लिसिटी के लिए सोनिया गांधी का नाम जानबूझकर घसीट रहे हैं।

मित्तल ने कहा कि इस तरह के किसी मामले की जिम्मेदारी सोनिया गांधी की नहीं बल्कि पार्टी की होती है। पलटवार करते हुए  आरके जैन ने कहा कि मैंने इस मामले में बाकी राष्ट्रीय पार्टियों की भी शिकायत की है। उन्होंने 3 जून 2013 का आदेश का हवाला देकर कहा कि इस आदेश के मुताबिक सीआईसी ने कांग्रेस अध्यक्षा को ही आदेश दिए थे, इसलिए उन्हीं की ही जवाबदेही बनती है।

इधर, आरके जैन ने कई दस्तावेज बेंच के सामने प्रस्तुत दस्तावेज किए। इन दस्तावेजों के अध्ययन के लिए केसी मित्तल ने वक्त मांगा। जिस पर सीआईसी बेंच ने सहमति दे दी और सुनवाई की तारीख 20 जून तय कर दी है। वहीं दूसरी ओर आरटीआई का जवाब न देने पर भाजपा, बसपा, एनसीपी, सीपीआई, सीपीएम को भी नोटिस जारी किया जाएगा।

गौरलतब है कि आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष चन्द्र अग्रवाल के एक मामले में सुनवाई करते सीआईसी में 3 जून, 2013 को आदेश दिया था कि राष्ट्रीय पार्टियां आरटीआई के दायरे में आती हैं।


केसी मित्तल द्वारा बार-बार यह कहा जा रहा था कि कांग्रेस आरटीआई के दायरे में नहीं तो इसका काउंटर करते हुए आरके जैन ने कांग्रेस के कोषाध्यक्ष मोती लाला वोरा का पत्र सीआईसी को प्रस्तुत किया, जिसमें वोरा ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश और संसद में लंबित संशोधन विधेयक का हवाला देकर जानकारी देने से मना कर दिया था। जैन ने आगे कहा कि अगर ऐसा होता तो निर्वाचन आयोग एक याचिका की आरटीआई अप्रैल 2016 में कांग्रेस को रेफर ही क्यों करती।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed