मानवाधिकार आयोग तक पहुंची दिल्ली पुलिस की शर्मनाक करतूत, 'न्यूड परेड' पर भेजा कमिश्नर को नोटिस
मानवाधिकार आयोग का मानना है कि जिस तरह उसे पूरे समाज के सामने नग्न अवस्था में परेड कराया और उसकी बेइज्जती करते हुए और अपशब्द कहते हुए पुलिस स्टेशन ले गए वो पूरी तरह से निंदनीय है।
अब दिल्ली पुलिस कमिश्नर को इस मामले में मानव अधिकार आयोग के नोटिस का जवाब देना होगा। यह घटना दिल्ली के इंद्रपुरी की है।
National Human Rights Commission took suo motu cognizance of media reports that Delhi police arrested a man from his house in West Delhi&took him to police station naked in full public view, hurling insults&abuses. NHRC sent notice to Delhi Police Commissioner over the incident. pic.twitter.com/wxHqMJ3Tao
— ANI (@ANI) May 22, 2018
क्या है पूरा मामला
कई मामलों में कोर्ट से फरार चल रहे आरोपी विरेंद्र को दिल्ली पुलिस ने नग्न अवस्था में गिरफ्तार किया और सड़क पर घुमाते हुए थाने ले गई। पुलिस की यह घिनौनी करतूत मार्केट में कई जगह लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी चुप्पी साधी हुई है। घटना के बाद से विरेंद्र डिप्रेशन का शिकार हो गया है, कोर्ट में पेशी के दौरान उसने आत्महत्या करने की धमकी दी है।
जानकारी के मुताबिक, इंद्रपुरी थाना पुलिस कोर्ट में चल रहे एक मामले को लेकर आरोपी विरेंद्र को पकड़ने के लिए इंद्रपुरी पुनर्वास कॉलोनी पहुंची। टीम में करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी मौजूद थे, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं।
बताया जा रहा है कि विरेंद्र बाथरूम में नहा रहा था। जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो वह तौलिया पहनकर ऊपर की मंजिल से नीचे उतरने की कोशिश करने लगा। ऊपर की मंजिल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे ऊपर खींचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस नाकाम रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी वहां से कूदकर भागने की कोशिश कर रहा था। ऊपरी मंजिल से छलांग लगाने के दौरान उसका तौलिया गिर गया। वह नग्न अवस्था में जमीन पर गिरा, जहां पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया।
उसके बाद पुलिस उसे बगैर कपड़ा पहनाए ही सड़क के रास्ते खींचते हुए थानेे की ओर ले जाने लगी। कपड़े नहीं पहनाने की बात पर पुलिस का कहना है कि गिरफ्त में आने के बाद भी आरोपी उठा पटक कर भागने की कोशिश कर रहा था।
इसकी वजह से उसे कपड़ा पहनाना मुमकिन नहीं हो रहा था। उधर, परिजनों का आरोप है कि पुलिस का मकसद ही विरेंद्र को बेइज्जत करने का था, जहां एक दर्जन पुलिसकर्मी मौजूद थे, वहां एक व्यक्ति उनपर कैसे भारी पड़ गया। विरेंद्र इलाके का घोषित बदमाश है और कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।