मोदी के 'ड्रीम प्रोजेक्ट' में दिल्ली का पहला कदम
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में दिल्ली ने पहला कदम बढ़ा दिया है। डिजिटल, सीसीटीवी और सूचना प्रोद्योगिकी से लैस दिल्ली को स्मार्ट बनाने के प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का जिम्मा इंटरनेशनल कंसल्टेंसी कंपनी प्राइस वाटरहाउस कूपर(पीडब्ल्यूसी) को सौंपी गई है। पूरे प्रोजेक्ट के मैनेजमेंट का जिम्मा भी यही कंपनी उठाएगी।
दिल्ली सरकार एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार को पीडब्ल्यूसी को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस कंपनी के पास विशेषज्ञता है।
यह कंपनी न सिर्फ स्मार्ट सिटी के लिए डीपीआर तैयार करेगी बल्कि स्मार्ट सिटी में जो कुछ किया जाना है उसके लिए प्रोजेक्ट इंटीग्रेटर भी नियुक्त करेगी। स्मार्ट सिटी का डीपीआर तैयार करने में 1.02 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
मोदी सरकार ने पूरी की दिल्ली की मुराद
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने देशभर में 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बजट में 7060 करोड़ रुपये का प्रावधान भी रखा गया है।
इससे पूर्व ही दिल्ली ने स्टेट जियो स्पेशियल डाटा इंफ्रस्ट्रक्चरल डिजिटलाइजेशन के तहत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा था। इस पर केन्द्र सरकार ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट जल्द नियुक्त करने का चिट्टी राज्य सरकार को भेजी थी।
राजधानी दिल्ली में स्मार्ट सिटी बनने की तमाम योग्यताएं हैं। राजधानी की आबादी 1.70 करोड़ पहुंच गई है। इलेक्ट्रॉनिक सेवाओं का नेटवर्क नोटिफाई है तो शहर की तमाम सड़कें व इमारतें सीसीटीवी के कवर क्षेत्र में है।
इतना ही नहीं मोबाइल एप्लीकेशन और ऑनलाइन सेवाएं तेजी से बढ़ाई जा रही हैं। सूचना प्रोद्योगिकी विभाग के अधिकारी बताते हैं कि डीपीआर सामने आने के बाद काम में तेजी आएगी।
(फोटो: सोशल मीडिया)