{"_id":"6a6656a193eba7340e0a8246","slug":"nagina-phc-to-become-chc-healthcare-landscape-in-mewat-to-be-transformed-with-an-investment-of-delhi-ncr-news-c-25-1-mwt1010-113978-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: नगीना पीएचसी बनेगा सीएचसी, 44 करोड़ से बदलेगी मेवात की स्वास्थ्य तस्वीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: नगीना पीएचसी बनेगा सीएचसी, 44 करोड़ से बदलेगी मेवात की स्वास्थ्य तस्वीर
विज्ञापन
रानीका को मिलेगा सब-हेल्थ सेंटर
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना।
मुख्यमंत्री द्वारा मेवात विकास संकल्प रैली में की गई घोषणाओं के बाद क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने नगीना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अपग्रेड करने की घोषणा की है। इसके साथ ही घासेड़ा और नगीना स्वास्थ्य केंद्रों के विकास पर कुल 44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं रानीका गांव को नया उप-स्वास्थ्य केंद्र (सब-हेल्थ सेंटर) भी मिलेगा, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं गांव के नजदीक उपलब्ध हो सकेंगी।
पीएचसी से सीएचसी बनने पर क्या बदलेगा?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पीएचसी और सीएचसी की सुविधाओं में बड़ा अंतर होता है। मैदानी क्षेत्रों में एक पीएचसी लगभग 30 हजार की आबादी के लिए स्थापित की जाती है, जहां सामान्य बीमारियों का इलाज, टीकाकरण और बुनियादी जांच जैसी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। यहां आमतौर पर एक या दो सामान्य चिकित्सक और सीमित स्टाफ होता है तथा भर्ती की सुविधाएं भी सीमित होती हैं।
वहीं सीएचसी करीब 1.20 लाख की आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाता है। नगीना के सीएचसी बनने के बाद यहां 30 बिस्तरों वाला अस्पताल संचालित होगा। इसके अलावा सर्जन, फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ सहित चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी। इससे गंभीर मरीजों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय या अन्य शहरों की ओर रेफर करने की जरूरत कम होगी और कई प्रकार की विशेषज्ञ सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।
विज्ञापन
लोगों ने किया स्वागत, लेकिन उठाए प्रबंधन पर सवाल
रानीका गांव में सब-हेल्थ सेंटर की घोषणा से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा रानीका निवासी शोएब ने कहा कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र बनने से लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
नांगल मुबारिकपुर निवासी तुलाराम सैनी ने कहा कि नगीना के आसपास 50 से अधिक गांव आते हैं। बढ़ती आबादी को देखते हुए पीएचसी का सीएचसी में अपग्रेड होना लंबे समय से जरूरी था।
भादस निवासी करण सैनी का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और समय पर इलाज संभव होगा।
हालांकि समाजसेवी रजत जैन ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में नगीना पीएचसी में कई अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थी। उनका कहना है कि यदि मौजूदा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो केवल भवन और सुविधाएं बढ़ाने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने दिया भरोसा
इन आशंकाओं के बीच नगीना के एसएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि पीएचसी के सीएचसी में अपग्रेड होने से अस्पताल के बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार होगा। आधुनिक सुविधाएं, अतिरिक्त स्टाफ और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद क्षेत्र के लोगों को पहले की तुलना में अधिक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना मेवात क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना।
मुख्यमंत्री द्वारा मेवात विकास संकल्प रैली में की गई घोषणाओं के बाद क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने नगीना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अपग्रेड करने की घोषणा की है। इसके साथ ही घासेड़ा और नगीना स्वास्थ्य केंद्रों के विकास पर कुल 44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं रानीका गांव को नया उप-स्वास्थ्य केंद्र (सब-हेल्थ सेंटर) भी मिलेगा, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं गांव के नजदीक उपलब्ध हो सकेंगी।
पीएचसी से सीएचसी बनने पर क्या बदलेगा?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पीएचसी और सीएचसी की सुविधाओं में बड़ा अंतर होता है। मैदानी क्षेत्रों में एक पीएचसी लगभग 30 हजार की आबादी के लिए स्थापित की जाती है, जहां सामान्य बीमारियों का इलाज, टीकाकरण और बुनियादी जांच जैसी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। यहां आमतौर पर एक या दो सामान्य चिकित्सक और सीमित स्टाफ होता है तथा भर्ती की सुविधाएं भी सीमित होती हैं।
विज्ञापन
वहीं सीएचसी करीब 1.20 लाख की आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाता है। नगीना के सीएचसी बनने के बाद यहां 30 बिस्तरों वाला अस्पताल संचालित होगा। इसके अलावा सर्जन, फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ सहित चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी। इससे गंभीर मरीजों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय या अन्य शहरों की ओर रेफर करने की जरूरत कम होगी और कई प्रकार की विशेषज्ञ सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।
विज्ञापन
लोगों ने किया स्वागत, लेकिन उठाए प्रबंधन पर सवाल
रानीका गांव में सब-हेल्थ सेंटर की घोषणा से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा रानीका निवासी शोएब ने कहा कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र बनने से लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
नांगल मुबारिकपुर निवासी तुलाराम सैनी ने कहा कि नगीना के आसपास 50 से अधिक गांव आते हैं। बढ़ती आबादी को देखते हुए पीएचसी का सीएचसी में अपग्रेड होना लंबे समय से जरूरी था।
भादस निवासी करण सैनी का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और समय पर इलाज संभव होगा।
हालांकि समाजसेवी रजत जैन ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में नगीना पीएचसी में कई अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थी। उनका कहना है कि यदि मौजूदा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो केवल भवन और सुविधाएं बढ़ाने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने दिया भरोसा
इन आशंकाओं के बीच नगीना के एसएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि पीएचसी के सीएचसी में अपग्रेड होने से अस्पताल के बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार होगा। आधुनिक सुविधाएं, अतिरिक्त स्टाफ और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद क्षेत्र के लोगों को पहले की तुलना में अधिक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना मेवात क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी।