अनाथ बच्चों को अपनों ने छोड़ा, अब मुस्लिम नाना-नानी देंगे प्यार
एक मुस्लिम परिवार ने अनाथ हिंदू भाई बहन का अभिभावक बनकर प्रेम और भाईचारे की मिसाल कायम की है। इस परिवार में इन बच्चों को माता-पिता ही नहीं बल्कि एक ही छत के नीचे दादी और नाना-नानी का प्यार भी मिलेगा।
अब इसको दिल्ली हाईकोर्ट से कानूनी मंजूरी भी मिल गई है। जस्टिस नजमी वजीरी ने 29 अप्रैल के अपने आदेश के जरिये एयर इंडिया के पायलट मोहम्मद शाहनवाज जहीर को उनके दिवंगत दोस्त पायलट प्रवीण दयाल के बच्चों आयुष और प्रार्थना का कानूनी रूप से अभिभावक तय कर दिया।
इन बच्चों के माता पिता की मृत्यु हो चुकी है। इनके चाचा अमित दयाल अमेरिका में रहते हैं और इनकी देखभाल करने में असमर्थता जाहिर कर चुके हैं।
यह दोनों बच्चे माता पिता की मौत के कुछ समय बाद से ही मोहम्मद शाहनवाज के परिवार के साथ जसोला स्थित उनके मकान में रह रहे हैं।
बच्चों को पाने के लिए लड़ी कानूनी लड़ाई
जहीर के चार मंजिला मकान में उनकी पत्नी, बेटा व बेटी के अलावा उनकी मां, उनके ससुर व सास भी रहते हैं। याचिका दायर कर जहीर ने कानूनी रूप से बच्चों का अभिभावक घोषित करने की मांग की थी।
बच्चों के दिवंगत पिता ने अपनी बीमारी के दौरान जहीर से बच्चों की देखभाल करने की प्रार्थना की थी। याचिका में जहीर ने कहा था कि बच्चों की देखभाल के लिये उनके परिवार में कई लोग हैं और उन्हें किसी बात की दिक्कत नहीं होगी।
दरअसल बच्चे अपने माता पिता के निधन के कुछ दिन बाद तक एक रिश्तेदार के साथ रहे पर परेशान हो गए। इसलिए उन्होंने रोते हुए जहीर को फोन किया। कई लोग प्रापर्टी के चक्कर में बच्चों का अभिभावक बनने को आगे आ रहे थे, इसलिए जहीर ने अदालत जाने का फैसला किया।
डेढ़ करोड़ की एफडी भी कराई
याचिकाकर्ता जहीर का कहना है कि बच्चों की परवरिश के लिये एक ट्रस्ट बनाया गया है और इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन के सदस्यों व अन्य लोगों की मदद से इसमें करीब डेढ़ करोड़ की राशि जमा चुकी है जिसे एफडी के रूप में जमा किया जा चुका है।
बच्चों की उम्र 25 साल होने पर यह पैसा इन्हें दे दिया जायेगा। यह बच्चे हिंदू परिवार से हैं और इनकी धार्मिक आस्थाओं से छेड़छाड़ न हो इसका भी ध्यान रखा गया है।
जहीर ने याचिका के साथ अपने पड़ोसी अरुण सैनी का शपथ पत्र संलग्न किया है। इसमें अरुण सैनी ने कहा कि वह भी हिंदू पंजाबी है और वह बच्चों की धार्मिक परवरिश का ध्यान रखेेंगे।
बच्चों की मां कविता दयाल एयर होस्टस थी और उनकी कैंसर से 2012 में तथा पिता पायलट प्रवीण दयाल की 2013 में लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी।