किडनैप मुस्लिम लड़की का हिंदू पति पर आरोप
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पिछले हफ्ते एक मुस्लिम परिवार ने हिन्दू लड़के से शादी करने की वजह से दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट से अपनी ही 19 साल की बेटी को किडनैप कर लिया।
घटना से पूरे अदालत परिसर में सनसनी फैल गई। पति की शिकायत पर कोर्ट ने पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश भी दे दिया। लेकिन अब लड़की ने ही अपने पति के खिलाफ कुछ ऐसा कहा दिया है जिससे पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है।
टीनेजर लड़की ने मेट्रोपोलिटिन मजिस्ट्रेट के सामने अपनी कंप्लेन दर्ज कराई है। शिकायत में उसने लड़के को आपराधिक षडयंत्र रचने का दोषी बताया है। आने वाले 13 अप्रैल को इस मामले पर सुनवाई हो सकती है।
मुझे समझ में नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है।
बुधवार को लड़की ने जज मयूरी सिंह के समक्ष अपना बयान रिकॉर्ड कराया था, जिसके बाद लड़की की कस्टडी उसके माता-पिता को सौंप दी गई।
वहीं उसके पति के मुताबिक उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर ये हो क्या रहा है। उसने बताया कि वह अपने वकील से बात कर रहा है। उसने यह भी कहा कि हम दोनों एक-दूसरे को बहुत प्यार करते हैं।
मेरी पत्नी प्रेगनेंट है और मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह स्वस्थ्य रहे। उसके घर वाले उस पर दबाव बना रहे हैं लेकिन मैं इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ता रहूंगा।
मां-बाप के खिलाफ दर्ज कराने आई थी बयान
बता दें कि लड़की ने शादी करने के लिए अपना धर्म बदल लिया था। 27 मार्च को वह अपने पति के साथ कोर्ट से यह मांग करने आई थी कि उसे और पति को उसके घर वाले डराना धमकाना बंद कर दें।
लड़की की तरफ से ये भी कहा गया था कि उसे ऑनर किलिंग का खतरा है। इस मामले को संज्ञान में लेकर जज ने लड़की को ऑनर किलिंग के खतरे का शिकार बताते हुए पुलिस को उनकी सुरक्षा सुनिश्चि करने का निर्देश भी दिया था।
इस दौरान जब लड़की अपना बयान रिकॉर्ड कराने कोर्ट परिसर पहुंची तो वह ठीक से चल नहीं पा रही थी। इसके चलते कोर्ट ने उसे एक दिन के लिए शेल्टर होम भेज दिया था।
पति के मुताबिक पत्नी पर बनाया जा रहा है दबाव
चूंकि अब इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है इसलिए पति ने आपत्ति जताते हुए दोबारा उसके बयान को रिकॉर्ड करने की मांग की है। लड़के के मुताबिक उसकी पत्नी को डरा घमका कर उसकी मर्जी के खिलाफ बयान देने के लिए मजबूर किया गया है।
पति का कहना है कि बयान दर्ज होने से पहले वो 4 घंटे तक अपने घरवालों की कस्टडी में रही थी। इस दौरान ही उसके साथ मां-बाप ने जोर जबरदस्ती की और बयान बदलने के लिए मजबूर किया।