थोड़ी-थोड़ी दूर ले जाकर रेतता था एक-एक बच्चे का गला
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हरियाहेड़ा स्कूल से छुट्टी के बाद अपनी सहेली के साथ घर जाना मेंहदी व तुलसी को मंहगा पड़ा। देवराज ने हत्या का राज छुपाने के लिए अपने भांजे-भांजी के साथ भांजी की सहेलियों को भी मौत के घाट उतार दिया।
चारों को उसने एक ही जगह नहीं मारा बल्कि थोड़ी-थोड़ी दूरी पर ले जाकर गला रेता, ताकि दूसरे बच्चे शोर न मचाएं। पुलिस के मुताबिक देवराज अपने बहनोई सत्य प्रकाश को सबक सिखाने के लिए अपनी भांजी शिवानी व कुलदीप का अपहरण करने को स्कूल से लेने आया था।
उनक ो साथ ले जाता देख मेहंदी और तुलसी भी साथ चल दीं। मेहंदी और तुलसी यह बात किसी और को न बता दें इसलिए उनकी भी रायसीना की पहाड़ी पर ले जाकर हत्या कर दी थी।
आरोपी ने जंगल में ले जाकर बच्चों से कहा कि तुम्हारे मां-बाप ने कोई गलत काम किया है, घर पर पुलिस आई हुई है इसलिए तुम्हें जंगल में ले आया हूं।
वारदात के 15 दिन बाद से था फरार
चारों बच्चों को मौत के घाट उतारने के बाद देवराज हरियाहेड़ा गांव के पास स्थित ईंट भट्ठे की झुग्गी में आ गया था। वह अपने बहनोई व अन्य लोगों के साथ शोक में शामिल होकर पुलिस के पास भी गया था, ताकि उसकी करतूतों की किसी को भनक न लगे।
देवराज ने वारदात को अंजाम देने के 15 दिन बाद ही भठ्ठा छोड़ दिया था। काम खत्म होने के बाद बच्चों के परिजन भी वापस चले गए थे। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार देवराज दो साल से जगह बदलकर रह रहा था।
सत्य प्रकाश की पत्नी ने 10 दिन पहले भोंडसी थाना पुलिस से संपर्क किया था। उसने अपने भाई के वापस आने की बात बताई थी। जिसके बाद पुलिस ने अपना जाल बिछाकर उसे दबोचा।