दफ्न न हो जाएं राज, इसलिए कब्र खोदकर निकाली लाश
दिल्ली की गोकुलपुरी में महिला की मौत से पर्दा उठाने के लिए शनिवार को कब्रिस्तान से उसका शव निकाला गया। एसडीएम और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में शव को जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
गाजियाबाद के लोनी में हमले के बाद 23 दिसंबर को रहस्यमय हालात में नसीम चौधरी (35) की मौत हो गई थी। वारदात के बाद से उसका पति फरार है।
महिला के परिजनों और उसके दोस्त की शिकायत पर शनिवार को शव कब्र से बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।
हमले से हुई थी मौत?
एक साप्ताहिक अखबार निकालने वाली नसीम चौधरी पति सलमान के साथ कर्दमपुरी में रहती थी। 21 दिसंबर 2013 को नसीम और उसके साथी खलील अंसारी पर लोनी में आधा दर्जन लोगों ने हमला कर दिया था।
इसकी शिकायत लोनी थाने में की गई। निजी अस्पताल में इलाज के बाद सलमान नसीम को मुस्तफाबाद ले गया। 23 दिसंबर को सलमान ने खबर दी कि हमले की वजह से नसीम के सिर में गहरी चोट लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई। फिर शव को बगैर पोस्टमार्टम के मुस्तफाबाद के कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
वहीं, हमले में घायल खलील की शिकायत पर 10 फरवरी को लोनी में मारपीट का मामला भी दर्ज हुआ। बाद में खलील ने नसीम के मायके वालों की मदद से गोकुलपुरी थाने में शिकायत की। एसडीएम के आदेश के बाद शनिवार को शव कब्र से बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम दिल्ली पुलिस ही कराएगी।