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गूगल लोकेशन डाटा की मदद से पकड़े हत्यारोपी, दो माह बाद सुलझी अगवा बुजुर्ग की हत्या की गुत्थी
Thu, 02 May 2019 05:35 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 02 May 2019 05:35 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने दो माह पूर्व नंद नगरी से 65 वर्षीय बुजुर्ग को अगवा कर हत्या करने की गुत्थी सुलझा ली है। गूगल डाटा लोकेशन की मदद से दो प्रॉपर्टी डीलरों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान राजेश (35) और सागर (30) के रूप में हुई है। 18 लाख रुपये की लेन-देन में आरोपियों ने राम करण वर्मा (65) की हत्या कर शव लखनऊ एक्सप्रेस वे पर बाराबंकी इलाके में फेंक दिया था। 8 मार्च को कोतवाली नगर, बाराबंकी पुलिस ने रामकरण का शव बरामद कर पहचान न होने पर अंतिम संस्कार कर दिया था।
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उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि 4 मार्च को नंद नगरी निवासी सुनील वर्मा ने पिता रामकरण वर्मा के अपहरण होने की शिकायत नंद नगरी थाना पुलिस से की थी। उसने पिता के जानकार प्रॉपर्टी डीलर राजेश और सागर पर पिता को गायब करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने 20 मार्च को अपहरण का केस दर्ज कर एसीपी आनंद मिश्रा व नंद नगरी एसएचओ नंद नगरी अवतार सिंह ने छानबीन शुरू की। पूछताछ में राजेश व सागर ने रामकरण के बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया। दोनों के मोबाइल सीडीआर की जांच से भी फायदा नहीं हुआ। कई टीमें जांच के लिए यूपी गईं पर सुराग हाथ नहीं लगा। अंत में गूगल लोकेशन डाटा की जांच से दोनों आरोपियों की लोकेशन लखनऊ एक्सप्रेसवे की मिली। मंगलवार को पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की तो आरोपी टूट गए।
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नई कार से कुंभ घूमाने के बहाने साजिश को अंजाम दिया
आरोपियों ने बताया कि रामकरण ने उनसे 18 लाख रुपये उधार लिये थे। उन्होंने रुपये के बदले 13 लाख रुपये के प्रॉपर्टी उनके नाम कर दी थी। बाकी पैसे देने से मना कर रहे थे। आरोपियों ने रामकरण की हत्या की योजना बनाई और अपनी नई कार से रामकरण को कुंभ घुमाने के लिए तैयार किया। दो मार्च को दोनों उसे कार से लेकर लखनऊ एक्सप्रेस वे गए। वहां रास्ते में गला दबाकर हत्या कर दी और शव को बाराबंकी इलाके में फेंक दिया। पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने मोबाइल बंद कर दिए थे, लेकिन गूगल लोकेशन डाटा की वजह से पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
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