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नगर निगम चुनाव:भाजपा की जीत में आरडब्ल्यूए की रही विशेष भूूमिका
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 13 Jan 2017 12:04 AM IST
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भारतीय जनता पार्टी को नगर निगम चुनाव में मिली एक तरफा जीत में विभिन्न सेक्टरों की आरडब्ल्यूए की बड़ी भूमिका रही। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने वार्डों में भाजपा की राह की आसान कर दी।
आंकड़ों पर ध्यान दें तो इस बार निगम चुनाव में लोकसभा और विधानसभा के मुकाबले कम यानि 56 प्रतिशत मतदान हुआ। इसमें सेक्टरों की भागीदारी 48 प्रतिशत रही। यहां बात दें कि शहरी मतदाताओं को लुभाने के लिए पार्टी ने इस बार घोषणा पत्र जारी न करके परिकल्पना पत्र जारी किया।
इसमें स्मार्ट सिटी से लेकर शहरवासियों को एक बेहतरीन जिंदगी का सपना दिखाया। साथ ही पत्र में निगम में सत्ता में आने पर आरडब्ल्यूए के बीच बेहतर समन्वय बनाने के साथ उन्हें अधिक सक्रिय बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही थी।
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इसका असर आरडब्ल्यूए पर पड़ा। वह भाजपा के उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे रहे। इस वजह से सेक्टर के वार्डों में भाजपा को शानदार सफलता मिली है। ग्राउंड लेवल पर आरडब्ल्यूए अधिक सक्रिय रहती हैं, इसका फायदा पार्टी को मिला।
विजन डॉक्यूमेंट में भाजपा ने स्पष्ट किया था कि निगम में जीतकर आने के बाद पर न केवल समन्वय बनाया जाएगा बल्कि आरडब्ल्यूए के सुझावों के अनुरूप विकास कार्य की योजना भी तैयार की जाएगी।
अब देखना यह है कि यह वादा धरातल पर कितना प्रभावी हो पाता है। सेक्टर और कॉलोनी को मिलाकर बने वार्ड में भाजपा के प्रत्याशियों ने सेक्टरों से लीड किया। इससे उनकी जीत सुनिश्चित हो सकी है।
इसमें वार्ड नंबर 19, 20, 22, 26, 27, 32, 34 प्रमुख हैं। इन वार्डों में ज्यादातर पॉश सेक्टर आते हैं। कांटे की टक्कर में वार्ड नंबर-22 से भाजपा के उम्मीदवार चुनाव जीतने में कामयाब हुए।
इसी तरह वार्ड नंबर-33 में भाजपा के उम्मीदवार को नजदीकी मुकाबले में जीत मिली। इसी तरह सेक्टर व पॉश कॉलोनियों से भाजपा के उम्मीदवारों को निर्णायक बढ़त मिली, जो जीत में महत्वपूर्ण कारक साबित हुए।
परिकल्पना पत्र के वायदे
- रिहायशी ठोस कूड़े का प्रबंधन और निस्तारण करवाना
- गैर कानूनी भूजल दोहन को रोकना
- प्रदूषण के लिए बदनाम शहरों की सूची से हटाना
- नए विकसित हुए रिहायशी क्षेत्रों को एमसीएफ केअंतर्गत लाना
- बाजारों में उचित पार्किंग की व्यवस्था
भाजपा ने अपने परिकल्पना पत्र में आरडब्ल्यूए को वजन दिया है। किसी पार्टी ने पहली बार ऐसा कदम उठाया है। सेक्टरवासियों को भाजपा पर विश्वास है, यदि ऐसा होता है तो विभिन्न योजनाओं पर एक बेहतर संवाद का जरिया भी विकसित होगा। इससे जन प्रतिनिधि जनता के करीब भी होंगे।
- डॉ. पीके झा, गुलमोहर रेजीडेंसी अशोका एंक्लेव पार्ट-3 आरडब्ल्यू
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आंकड़ों पर ध्यान दें तो इस बार निगम चुनाव में लोकसभा और विधानसभा के मुकाबले कम यानि 56 प्रतिशत मतदान हुआ। इसमें सेक्टरों की भागीदारी 48 प्रतिशत रही। यहां बात दें कि शहरी मतदाताओं को लुभाने के लिए पार्टी ने इस बार घोषणा पत्र जारी न करके परिकल्पना पत्र जारी किया।
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इसमें स्मार्ट सिटी से लेकर शहरवासियों को एक बेहतरीन जिंदगी का सपना दिखाया। साथ ही पत्र में निगम में सत्ता में आने पर आरडब्ल्यूए के बीच बेहतर समन्वय बनाने के साथ उन्हें अधिक सक्रिय बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही थी।
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इसका असर आरडब्ल्यूए पर पड़ा। वह भाजपा के उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे रहे। इस वजह से सेक्टर के वार्डों में भाजपा को शानदार सफलता मिली है। ग्राउंड लेवल पर आरडब्ल्यूए अधिक सक्रिय रहती हैं, इसका फायदा पार्टी को मिला।
विजन डॉक्यूमेंट में भाजपा ने स्पष्ट किया था कि निगम में जीतकर आने के बाद पर न केवल समन्वय बनाया जाएगा बल्कि आरडब्ल्यूए के सुझावों के अनुरूप विकास कार्य की योजना भी तैयार की जाएगी।
अब देखना यह है कि यह वादा धरातल पर कितना प्रभावी हो पाता है। सेक्टर और कॉलोनी को मिलाकर बने वार्ड में भाजपा के प्रत्याशियों ने सेक्टरों से लीड किया। इससे उनकी जीत सुनिश्चित हो सकी है।
इसमें वार्ड नंबर 19, 20, 22, 26, 27, 32, 34 प्रमुख हैं। इन वार्डों में ज्यादातर पॉश सेक्टर आते हैं। कांटे की टक्कर में वार्ड नंबर-22 से भाजपा के उम्मीदवार चुनाव जीतने में कामयाब हुए।
इसी तरह वार्ड नंबर-33 में भाजपा के उम्मीदवार को नजदीकी मुकाबले में जीत मिली। इसी तरह सेक्टर व पॉश कॉलोनियों से भाजपा के उम्मीदवारों को निर्णायक बढ़त मिली, जो जीत में महत्वपूर्ण कारक साबित हुए।
परिकल्पना पत्र के वायदे
- रिहायशी ठोस कूड़े का प्रबंधन और निस्तारण करवाना
- गैर कानूनी भूजल दोहन को रोकना
- प्रदूषण के लिए बदनाम शहरों की सूची से हटाना
- नए विकसित हुए रिहायशी क्षेत्रों को एमसीएफ केअंतर्गत लाना
- बाजारों में उचित पार्किंग की व्यवस्था
भाजपा ने अपने परिकल्पना पत्र में आरडब्ल्यूए को वजन दिया है। किसी पार्टी ने पहली बार ऐसा कदम उठाया है। सेक्टरवासियों को भाजपा पर विश्वास है, यदि ऐसा होता है तो विभिन्न योजनाओं पर एक बेहतर संवाद का जरिया भी विकसित होगा। इससे जन प्रतिनिधि जनता के करीब भी होंगे।
- डॉ. पीके झा, गुलमोहर रेजीडेंसी अशोका एंक्लेव पार्ट-3 आरडब्ल्यू