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शाहबेरी हादसा: भाई-बहन की परवरिश के लिए पैसा कमाने आया था मुजाहिद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Fri, 20 Jul 2018 09:29 AM IST
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मलबे से निकाला गया मुजाहिद का शव
- फोटो : अमर उजाला
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मलबे से निकाले गए एक शव की पहचान पूर्णिया (बिहार) निवासी मुजाहिद के रूप में हुई है। बुधवार को उसका शव मलबे से निकाला गया था।
पहचान नहीं होने पर मोर्चरी में रखा गया था। वहीं, रिश्तेदार दो दिन से मुजाहिद को मलबे में दबा समझ रहे थे और उसके निकाले जाने का इंतजार कर रहे थे। बृहस्पतिवार की शाम को मोर्चरी पर जाकर उन्होंने शव की पहचान की।
मुजाहिद (18) की मां की मौत हो चुकी है। उसकी एक बहन और एक भाई हैं। जो उससे छोटे हैं। मां की मौत के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली। पिता से उसकी बनती नहीं है।
अपने छोटे भाई-बहन की परवरिश के लिए वह पैसा कमाने ग्रेटर नोएडा आया था। यहां आकर वह पेंटर का काम करने लगा। फिलहाल, वह साथियों के साथ शाहबेरी की इसी बिल्डिंग में रह रहा था।
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पहचान नहीं होने पर मोर्चरी में रखा गया था। वहीं, रिश्तेदार दो दिन से मुजाहिद को मलबे में दबा समझ रहे थे और उसके निकाले जाने का इंतजार कर रहे थे। बृहस्पतिवार की शाम को मोर्चरी पर जाकर उन्होंने शव की पहचान की।
मुजाहिद (18) की मां की मौत हो चुकी है। उसकी एक बहन और एक भाई हैं। जो उससे छोटे हैं। मां की मौत के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली। पिता से उसकी बनती नहीं है।
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अपने छोटे भाई-बहन की परवरिश के लिए वह पैसा कमाने ग्रेटर नोएडा आया था। यहां आकर वह पेंटर का काम करने लगा। फिलहाल, वह साथियों के साथ शाहबेरी की इसी बिल्डिंग में रह रहा था।
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मंगलवार की शाम हादसा होने से कुछ देर पहले ही उसने साथ रहने वाले बुआ के लड़के से फोन पर बात की थी। उस समय वह खाना बना रहा था। रिश्तेदारों ने बताया कि वे उसके मोबाइल पर फोन कर रहे थे।
मोबाइल पर घंटी जा रही थी, लेकिन कोई उठा नहीं रहा था। बृहस्पतिवार की दोपहर तक उसका फोन चालू था। इसी कारण लगा कि अभी वह मलबे में दबा हुआ है। बाद में पता लगा कि एक शव मोर्चरी में रखा हुआ है। वहां जाकर देखा तो वह मुजाहिद का शव था।
मोबाइल पर घंटी जा रही थी, लेकिन कोई उठा नहीं रहा था। बृहस्पतिवार की दोपहर तक उसका फोन चालू था। इसी कारण लगा कि अभी वह मलबे में दबा हुआ है। बाद में पता लगा कि एक शव मोर्चरी में रखा हुआ है। वहां जाकर देखा तो वह मुजाहिद का शव था।