कश्मीर में पत्थरबाजों पर हमले के बाद दो साल से कोमा में है ये जवान
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कश्मीर में पत्थरबाजों को जबाब देना जरूरी है, ब्लू स्टार जैसे ऑपरेशन करके मुहं तोड़ जबाब दिया जाये और हमारे जवानों के साथ हो रहे र्दुव्यवहार का बदला लिया जाये। यह कहना था आतंकवादी विरोधी मोर्चा के एम एस बिट्टा का।
वे सेक्टर 33 स्थित प्रकाश अस्पताल में छतीसगढ़ में 2014 में हुये आतंकवादी हमले में घायल सीआरपीएफ के जवान जितेन्द्र कुमार को देखने पहुंचे थे। उन्होंने जितेन्द्र की माता रूपा देवी से मुलाकात कर सारी जानकारी ली।
एम एस बिट्टा ने मीडिया को बताया कि छतीसगढ़ में 2014 में आतंकवादियों से लडते हुये पांच जवान शहीद हो गये थे और एक जवान घायल हो गया था। घायल जितेन्द्र कुमार का इलाज प्रकाश अस्पताल में सही रूप से चल रहा है वो अभी कोमा में है।
किसी सामाजिक संस्था को नहीं इनकी जानकारी
उनके परिजनों की मांग है कि उनका इलाज किसी अन्य अस्पताल में हो। उनकी माता को आश्वस्त किया गया है कि राम मनोहर लोहिया दिल्ली अस्पताल में उनके इलाज का इंतजाम करवाया जायेगा।
उन्होंने दुख जताते हुये कहा कि बहुत ही खेद है कि हमें या अन्य किसी सामाजिक संस्थाओं को अभी तक कोई जानकारी इस जवान के बारे में नहीं थी। सरकार के साथ-साथ जवानों की रक्षा का फर्ज सामाजिक संस्थाओं का भी बनता है।
केवल सुर्खियों में रहने व फोटो छापने से काम नहीं होते। एमएस बिट्टा के साथ पश्चिमी उप्र प्रभारी राजेन्द्र पंडित, प्रदेश अध्यक्ष हरप्रीत सिंह जग्गी, प्रमोद यादव, कपिल सिंह, सचिन नागर, धनश्याम सिंह भी मौजूद थे।