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90 फीसदी कृत्रिम जीभ बनाकर कैंसर रोगी को बचाया
Thu, 12 Dec 2019 11:42 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 12 Dec 2019 11:42 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : pixa
कर्मचारी राज्य बीमा निगम कॉर्पोरेशन (ईएसआईसी) से संबंधित सुरेश नाम के एक मरीज को तीसरे स्टेज के कैंसर पर पहुंचने के बाद एक नई जिंदगी के साथ एक नई जीभ भी मिली है। बल्लभगढ़ निवासी सुरेश को मुंह का कैंसर था।
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जो उसकी जीभ में एक गांठ के रूप में विकसित हुआ और धीरे-धीरे 90 फीसदी जुबान ही काटने की नौबत आ पड़ी। हालांकि निजी अस्पतालों के साथ ईएसआईसी के अनुबंध के कारण सुरेश को सेक्टर-8 स्थित निजी अस्पताल में नई जिंदगी मिल सकी।
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सुरेश ने बताया कि ईएसआईसी से उसे सर्वोदय अस्पताल रेफर किया गया था। उस वक्त वह बोलना, खाना सब भूल चुका था। रेडियल आर्रटरी फोरम फ्री-फ्लिप नाम की तकनीक से उसका इलाज किया गया।
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अस्पताल के कैंसर सर्जन डॉ. शिवम वत्सल, प्लास्टिक सर्जन अंशुमाली मिश्रा ने बताया कि आर्रटरी फोरम फ्री-फ्लिप तकनीक के जरिए सुरेश की 10 फीसदी जीभ को कृत्रिम रुप से बनाई गई जीभ से जोड़ा गया।
यह जीभ सुरेश की हाथ की रक्त कोशिकाओं व त्वचा को लेकर बनाई गई थी। कैंसर विभाग अध्यक्ष डॉ. सुमंत ने कहा कि कैंसर के 60 से 70 फीसदी मामले धूम्रपान व गुटखा सेवन के कारण सामने आ रहे हैं।