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बवालियों से निपटेंगे घुड़सवार पुलिसवाले
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 16 Feb 2014 01:10 AM IST
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दंगे और बवाल के दौरान बवालियों से निपटने के लिए अब गाजियाबाद में भी घुड़सवार पुलिस होगी। घुड़सवार पुलिस वाला गाजियाबाद यूपी का 9वां जिला बन जाएगा।
संवेदनशील जिलों में होने की वजह से पुलिस हेड क्वार्टर (पीएचक्यू) से इसकी मौखिक अनुमति मिल चुकी है, कागजी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। इसके लिए शुरुआत में 20 घोड़े मिलेंगे, जिसके लिए जीडीए पैसे देगा।
50 से ज्यादा घुड़सवार पुलिसवाले और घोड़े का रखरखाव करने वाले कर्मचारी भी आएंगे। पुलिस लाइंस में अस्तबल बनाया जाएगा। इसी साल मई महीने तक प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
गाजियाबाद जिले के 38 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब घुड़सवार पुलिस इसका हिस्सा होगी। इस दौरान पुलिस महकमे में कई बदलाव हुए, मगर घुड़सवार पुलिस यहां अभी तक नहीं है। जबकि यहां कई बार दंगे और बवाल हो चुके हैं।
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...इसलिए है जरूरत
घुड़सवार पुलिस दंगे और बवाल के मद्देनजर गश्त में लैपर्ड और पीसीआर से ज्यादा कारगर होती है। घुड़सवार पुलिस तंग गलियों, घने मुहल्लों और बाजारों में आसानी से गश्त कर लेती है। एसएसपी ने बताया कि घुड़सवार पुलिस से जनता में पुलिस का इकबाल भी बढ़ता है।
8 जिलों में है घुड़सवार पुलिस
मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, बरेली, इलाहाबाद, आगरा, कानपुर और बनारस जिलों में घुड़सवार पुलिस है। जबकि इनके बाद बने जिलों में गाजियाबाद ऐसा पहला जिला है, जिसमें घुड़सवार पुलिस होगी।
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संवेदनशील जिलों में होने की वजह से पुलिस हेड क्वार्टर (पीएचक्यू) से इसकी मौखिक अनुमति मिल चुकी है, कागजी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। इसके लिए शुरुआत में 20 घोड़े मिलेंगे, जिसके लिए जीडीए पैसे देगा।
50 से ज्यादा घुड़सवार पुलिसवाले और घोड़े का रखरखाव करने वाले कर्मचारी भी आएंगे। पुलिस लाइंस में अस्तबल बनाया जाएगा। इसी साल मई महीने तक प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
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गाजियाबाद जिले के 38 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब घुड़सवार पुलिस इसका हिस्सा होगी। इस दौरान पुलिस महकमे में कई बदलाव हुए, मगर घुड़सवार पुलिस यहां अभी तक नहीं है। जबकि यहां कई बार दंगे और बवाल हो चुके हैं।
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...इसलिए है जरूरत
घुड़सवार पुलिस दंगे और बवाल के मद्देनजर गश्त में लैपर्ड और पीसीआर से ज्यादा कारगर होती है। घुड़सवार पुलिस तंग गलियों, घने मुहल्लों और बाजारों में आसानी से गश्त कर लेती है। एसएसपी ने बताया कि घुड़सवार पुलिस से जनता में पुलिस का इकबाल भी बढ़ता है।
8 जिलों में है घुड़सवार पुलिस
मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, बरेली, इलाहाबाद, आगरा, कानपुर और बनारस जिलों में घुड़सवार पुलिस है। जबकि इनके बाद बने जिलों में गाजियाबाद ऐसा पहला जिला है, जिसमें घुड़सवार पुलिस होगी।