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मदर्स डेः घरों में बर्तन साफ कर बेटों का भविष्य चमका रहीं ‘वंदना’
Sun, 12 May 2019 06:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 12 May 2019 06:29 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर अल्फा वन में किराए के मकान में रहने वाली वंदना लोगों के घरों के बर्तन साफ कर रही हैं, ताकि अपने दोनों बेटों गोपी और किशन का भविष्य चमका सकें। उनकी कड़ी मेहनत का ही असर है कि दोनों बेटे शहर के अच्छे स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। एक ने इस साल प्रथम श्रेणी में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है जबकि, दूसरा 10वीं में पढ़ रहा है।
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मूलरूप से वंदना पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। उनके चार बेटे हैं। पांच साल पहले वह ग्रेटर नोएडा आई थीं। पति ज्यादातर घर से दूर रहते थे। वहीं, घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। इसके चलते ही उन्होंने घरों में काम करना शुरू किया। वंदना का कहना है कि एक साल पहले पति की मौत हो गई।
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इसके बाद घर की जिम्मेदारी उन पर आ गई। शुरुआत में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके चलते उनके दो बड़े बेटे नहीं पढ़ सके। बताया कि दोनों ऑफिस बॉय का काम करते हैं। लेकिन दोनों से उन्हें कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती है। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने दोनों छोटे बेटों का भविष्य बनाने का लक्ष्य तय किया।
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वंदना बताती हैं कि इसके लिए वह पांच घरों में काम कर रही हैं और हर माह करीब 15 हजार रुपये कमा लेती हैं। जिससे घर खर्च के साथ दोनों बेटों गोपी और किशन को अच्छे निजी स्कूलों में पढ़ाना शुरू किया। किशन ने इसी साल प्रथम श्रेणी से 12वीं पास की है। अब वह किसी अच्छे कॉलेज से इंजीनियरिंग करना चाहता है। वहीं गोपी कक्षा दस में पढ़ रहा है। वंदना का कहना है कि वह दोनों बेटों को कामयाब बनाएगी।