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आकलनः मां के दूध से कोरोना ढेर, नवजात के लिए है सुरक्षा कवच
Fri, 26 Jun 2020 05:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 26 Jun 2020 05:55 AM IST
सार
- दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों में कोरोना संक्रमण का नया रूप
- अब तक 183 कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं की हुई प्रसूति, केवल 2 शिशु मिले संक्रमित
- मां का दूध पीने से नौनिहालों को मिली ताकत, नहीं हो रहे संक्रमित : आरएमएल
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
तेजी से फैलने वाले कोरोना वायरस का दिल्ली के अस्पतालों में एक नया रूप देखने को मिल रहा है। एक से दूसरे और फिर हजारों लोगों के रूप में एक संक्रमण की चेन बनाने वाला यह संक्रमण मां से उसके बच्चे तक नहीं जाता। ऐसा क्यूं है?
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इसके बारे में डॉक्टर भी अब तक सटीक जानकारी हासिल नहीं कर पाए हैं लेकिन अब तक की स्थिति से यह पता चला है कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए जहां सबसे ज्यादा ताकतवर है वहीं यह उसकी कोरोना संक्रमण से भी सुरक्षा कर रहा है।
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दिल्ली के दो बड़े अस्पताल लोकनायक और आरएमएल में अब तक 183 कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं की प्रसूति हो चुकी है। इनमें से केवल दो बच्चे ही कोविड संक्रमित मिले हैं जबकि 181 शिशु जन्म के पांच दिन बाद की गई जांच में कोरोना निगेटिव मिले हैं।
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यह स्थिति तब है जब डॉक्टर जन्म के चंद समय बाद ही नवजात शिशु को स्तनपान के लिए उसकी मां को सौंपते हैं। हालांकि अन्य समय के लिए शिशु को मां से अलग एनआईसीयू में ही रखा जाता है।
केंद्र सरकार के नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के डॉ. राहुल चौधरी ने बताया कि शुरूआत से लेकर अब तक आरएमएल में 29 कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं की प्रसूति की गई है जिनमें से केवल एक ही बच्चा कोरोना संक्रमित पाया गया है।
इसे लेकर एक चिकित्सीय अध्ययन भी शुरू किया गया है जिसमें अब तक यही पता चला है कि मां का दूध नवजात शिशु की कोरोना वायरस से सुरक्षा कर रहा है। कोविड के लिए अलग से एनआईसीयू और ऑपरेशन थियेटर बनाया गया है। यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है कि एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलने वाला कोरोना वायरस मां से उसके नवजात शिशु तक नहीं पहुंच रहा।
दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल के चिकित्सीय निदेशक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि अब तक उनके यहां 144 कोविड गर्भवती महिलाओं में से केवल एक केस में बच्चा संक्रमित मिला है। मां से कोरोना संक्रमण उसके शिशु तक नहीं पहुंच रहा। उन्होंने कहा कि देश में दो हजार बिस्तरों की क्षमता के साथ लोकनायक अस्पताल एक मात्र कोविड विशेष केंद्र है जहां सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित महिलाओं की डिलीवरी हुई है।
यहां भी एक जैसी स्थिति
इसके अलावा दिल्ली एम्स के प्रसूति रोग के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि उनके यहां अब तक 10 में से एक भी नवजात संक्रमित नहीं मिला है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में अब तक 20 में से केवल दो, सफदरजंग अस्पताल में 18 में से एक बच्चा ही संक्रमित मिला है।