कलयुगी मां ने बेरहमी से की मासूम की हत्या
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दिल्ली में नौ माह की बच्ची की हत्या के मामले में आरोपी मां को अदालत ने दोषी करार दिया है। दोषी महिला का पति से मतभेद था, जिसने उसे तलाक के कागजात भेजे थे।
इससे झुंझला कर महिला ने बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी। अदालत ने इस मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए बुधवार को सजा सुनाने की बात कही।
कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय शर्मा ने ज्योति नगर स्थित कर्दमपुरी निवासी शबाना को नौ माह की बेटी सुहाना की हत्या का दोषी ठहराया है।
अदालत ने शबाना को उसकी मां कुरैशा के बयान के आधार पर दोषी ठहराया। कुरैशा इस मामले में एकमात्र चश्मदीद गवाह थी।
अदालत ने मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह महिला पति द्वारा तलाक का नोटिस भेजे जाने से मानसिक दबाव में थी। उस दिन शबाना अपने पैतृक घर की पहली मंजिल पर थी। वह बिल्कुल शांत थी और किसी ने उसे अपराध के लिए उकसाया नहीं था।
उसने सोच समझकर बच्ची की हत्या की। अदालत ने शबाना की मां के बयान पर गौर किया जिसमें उसने कहा था कि उसकी बेटी ने दिमागी परेशानी की हालत में उसकी नाती को मार डाला। मामले की सुनवाई के दौरान कुरैशा अपने बयान से पलट गई थी।
अदालत ने कहा कि यह मामला कुरैशा के बयान पर आधारित था लेकिन यह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित केस में तब्दील हो गया। अभियोजन के मुताबिक शबाना को 28 मार्च 2012 को तलाक का नोटिस मिला था। उसकी शादी 2009 में हुई थी।