बेटे के पास ले चलो, जिद्द की और बेहोश हो गई मां...
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सेक्टर-22 स्थित एफ-88 निवासी मदन राजपूत सिविल कांट्रेक्टर हैं। मूलरूप से कुशीनगर जिले के रहने वाले मदन 15 वर्षों से सेक्टर-22 में परिवार समेत रह रहे हैं। मदन का बेटा वरुण राजपूत संदिग्ध हालात में इंदिरापुरम की आदित्य मेगा सिटी के अपार्टमेंट में मृत पाया गया।
वरुण की मौत की खबर सुनकर सुबह से उसके घर पर लोगों का तांता लगा रहा। उसके कई दोस्त भी घर पहुंचे जिन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि उनका प्रिय दोस्त अब नहीं रहा।
परिजनों ने बताया कि वरुण के मोबाइल पर किसी की कॉल आई और वह घर से इंदिरापुरम निकल गया था। बुधवार देर रात इंदिरापुरम पुलिस ने उसकी मौत की खबर बदरपुर निवासी मौसी को फोन करके दी।
रिश्तेदार राजकुमार ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व वरुण की दो वर्षीय बहन की बीमारी से मृत्यु हो गई थी। वरुण की मौत की खबर मां से परिजनों ने छुपाकर रखी थी।
पांच साल पहले हुई थी बहन की मौत
डर था कि वह सदमे में आ जाएगी। बृहस्पतिवार सुबह जैसे ही मां को खबर मिली कि उसका जिगर का टुकड़ा अब नहीं रहा था तो वह रोती हुई घर से बाहर निकल आई और बेटे से मिलने की जिद्द करने लगी।
बड़ी मुश्किल से परिवार व लोगाें ने उन्हें रोका, लेकिन मगर वह बेहोश हो गई। लोगों ने बताया कि वरुण पढ़ाई में काफी तेज था और 11वीं में सेक्टर-62 स्थित इंडस वैली में पढ़ रहा था। लोगों ने साथ पढ़ने वाली एक लड़की से उसकी दोस्ती के बारे में भी बताया।
परिजनों ने सुसाइड की बात से इंकार करते हुए कहा कि वरुण की हत्या की गई है। उसकी दोस्त के परिजनों पर शक है। बताया जा रहा है कि वह बुधवार शाम अपनी दोस्त से ही मिलने इंदिरापुरम स्थित आदित्य मेगा सिटी गया हुआ था। पांच साल पहले हुई थी बहन की मौत वरूण राजपूत घर का एकलौता चिराग था जो कि बुझ गया।
मदन राजपूत के रिश्तेदार राज कुमार ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व वरूण की बहन की मृत्यु हो गई थी जब वह दो वर्ष की थी। उसकी मौत बीमारी की वजह से हुई थी। वरूण को लाड-प्यार से पाला गया था।