दिल्ली भाजपा पर गिर सकता है कहर, तीन दर्जन पार्षद करेंगे बगावत
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भाजपा को पार्षदों के टिकट काटने के निर्णय के चलते जल्द ही झटके लगने वाले हैं। भाजपा आलाकमान के निर्णय से खफा होकर करीब तीन दर्जन पार्षद बगावत करने वाले हैं। इनमें अधिकांश ऐेसे हैं जो पिछले चुनाव में किसी अन्य दल के प्रत्याशी थे और बाद में भाजपा में आ गए।
वे किस्तों में भाजपा को बाय-बाय करेंगे। इन पार्षदों के नामों के बारे में प्रदेश भाजपा को भी मालूम हो गया है। ये पार्षद विभिन्न दलों में शामिल होने जा रहे हैं। वहीं कुछ पार्षदों ने किसी भी दल से टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए है।
भाजपा से बगावत करने वाले पार्षदों में अधिकांश वह हैं जो पिछला चुनाव बसपा, एनसीपी, कांग्रेस, इनेलो आदि के टिकट पर लड़े थे। इनके अलावा कुछ निर्दलीय भी जीते थे।
‘बगावती’ पार्षदों की पहली प्राथमिकता कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की है
‘बगावती’ पार्षदों में शामिल एक पार्षद ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि वह अपने स्तर के साथ-साथ गुटों में विभिन्न दलों में बात कर रहे हैं। उनकी पहली प्राथमिकता कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की है। वह जल्द ही भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होंगे।
उधर, भाजपा ने तीनों नगर निगम में अपने कद्दावर पार्षदों से पार्षदों के तेवरों और उनके बगावत करने के संभावना के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। इतना ही नहीं, बगावत करने की तैयारी कर चुके पार्षदों ने अपने समर्थकों के साथ बैठकें करनी आरंभ कर दी है। उनसे चुनाव लड़ने के बारे में राय ली जा रही है।
दूसरी ओर भाजपा के अधिकांश पार्षदों ने स्वयं को नगर निगम चुनाव से अलग कर लिया है। प्रदेश कार्यालय में बुधवार को मात्र दो पार्षद ही दिखाई दिए। इस तरह नगर निगम चुनाव में भाजपा के लिए राह आसान नहीं दिख रही है।