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World Book Fair: मेले में दूसरे दिन एक लाख से ज्यादा लोग पहुंचे, आजादी के नायकों के रंग में रंगा थीम पवेलियन
Mon, 27 Feb 2023 07:10 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 27 Feb 2023 07:10 AM IST
सार
पहले दिन उद्घाटन से पहले ही मेले में अच्छी खासी भीड़ पहुंची थी, जिससे मेला आयोजकों को इस बात का अंदाजा लग गया था कि रविवार को भीड़ और बढ़ेगी। रविवार को लोग ट्रॉली बैग लेकर पुस्तकें खरीदने पहुंचे। दूसरी तरफ बाल मंडप में भी भीड़ रही, यहां तो स्कूल जैसा माहौल रहा।
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World Book Fair
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रगति मैदान में लगे विश्व पुस्तक मेले में दूसरे दिन रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण एक लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। दिन में दो बजे तक सारे ऑनलाइन टिकट बिक गए, सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर भी टिकट खत्म हो गए। हिंदी प्रकाशनों के बुक स्टॉल्स पर सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के हिंदी विभाग के संपादक पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि हिंदी और देश की दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं की पुस्तकों और प्रकाशकों के लिए यह बेहद सुखद खबर है। उन्होंने कहा कि हिंदी पुस्तकों के पाठक नागार्जुन और मुंशी प्रेमचंद से लेकर नए लेखकों की पुस्तकें पसंद कर रहे हैं।
पहले दिन उद्घाटन से पहले ही मेले में अच्छी खासी भीड़ पहुंची थी, जिससे मेला आयोजकों को इस बात का अंदाजा लग गया था कि रविवार को भीड़ और बढ़ेगी। रविवार को लोग ट्रॉली बैग लेकर पुस्तकें खरीदने पहुंचे। दूसरी तरफ बाल मंडप में भी भीड़ रही, यहां तो स्कूल जैसा माहौल रहा। छोटे बच्चों को फ्री काउंसलिंग दी गई। लेखक मंच पर दिनभर कार्यक्रम आयोजित किए गए, यहां युवा लेखकों की किताबों का विमोचन किया गया। आयोजकों ने कहा कि रविवार के लिए करीब एक लाख ऑनलाइन व मेट्रो स्टेशनों से टिकट बिके और 20 हजार से ज्यादा लोग विजिटर पास लेकर मेले में पहुंचे।
आजादी के नायकों के रंग में रंगा है थीम पवेलियन
पुस्तक मेले का थीम पवेलियन आजादी के नायकों के रंग में रंगा है। शहीदे आजम भगत सिंह केंद्र में हैं। एक आकर्षक मंच तैयार किया गया है, जिसपर हथकड़ियों में जकड़े भगत सिंह की मूर्ति स्थापित है। जेल में लिखे उनके लेख प्रदर्शित किए गए हैं। आजादी के नायकों को समर्पित भारत एक यात्रा नाम से एक दीवार बनाई गई है। बीआर अंबेडकर, जवाहर लाल नेहरू, राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे तमाम राष्ट्र नायकों की फोटो यहां लगी है। लोग किताबें खरीदने के साथ यहां सेल्फी ले रहे हैं।
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जलसाघर में आएं खेलें पाएं इनाम क्विज प्रतियोगिता
राजकमल प्रकाशन के जलसाघर में भारी संख्या में पुस्तक प्रेमियों ने शिरकत की। पाठकों ने यहां क्विज प्रतियोगिता आएं खेलें पाएं ईनाम में हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में हिंदी साहित्य से जुड़े सवालों के सही जवाब देने पर पाठकों को पुस्तकों की खरीद पर अतिरिक्त छूट दी जा रही है। तीन नई पुस्तकों, ज्योतिष जोशी की आधुनिक कला आंदोलन, ज्योति चावला की यह उनींदी रातों का समय है और डॉ. रमेश अग्रवाल की जीने की जिद का लोकार्पण किया गया।
सबसे छोटी बिजनेस बुक का विमोचन
सेमिनार हॉल में पेन डाउन प्रेस की दिनेश वर्मा द्वारा लिखित दुनिया की सबसे छोटी बिजनेस बुक का विमोचन किया गया। गुल्लीबाबा पब्लिशिंग हाउस के स्टाॅल पर छात्रों की भीड़ जुटी। स्नातक व स्नातकोत्तर विषयों, मैनेजमेंट और बीएड की हेल्प बुक को ढूंढते हुए छात्र इस स्टॉल पर पहुंचे।
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पहले दिन उद्घाटन से पहले ही मेले में अच्छी खासी भीड़ पहुंची थी, जिससे मेला आयोजकों को इस बात का अंदाजा लग गया था कि रविवार को भीड़ और बढ़ेगी। रविवार को लोग ट्रॉली बैग लेकर पुस्तकें खरीदने पहुंचे। दूसरी तरफ बाल मंडप में भी भीड़ रही, यहां तो स्कूल जैसा माहौल रहा। छोटे बच्चों को फ्री काउंसलिंग दी गई। लेखक मंच पर दिनभर कार्यक्रम आयोजित किए गए, यहां युवा लेखकों की किताबों का विमोचन किया गया। आयोजकों ने कहा कि रविवार के लिए करीब एक लाख ऑनलाइन व मेट्रो स्टेशनों से टिकट बिके और 20 हजार से ज्यादा लोग विजिटर पास लेकर मेले में पहुंचे।
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आजादी के नायकों के रंग में रंगा है थीम पवेलियन
पुस्तक मेले का थीम पवेलियन आजादी के नायकों के रंग में रंगा है। शहीदे आजम भगत सिंह केंद्र में हैं। एक आकर्षक मंच तैयार किया गया है, जिसपर हथकड़ियों में जकड़े भगत सिंह की मूर्ति स्थापित है। जेल में लिखे उनके लेख प्रदर्शित किए गए हैं। आजादी के नायकों को समर्पित भारत एक यात्रा नाम से एक दीवार बनाई गई है। बीआर अंबेडकर, जवाहर लाल नेहरू, राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे तमाम राष्ट्र नायकों की फोटो यहां लगी है। लोग किताबें खरीदने के साथ यहां सेल्फी ले रहे हैं।
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जलसाघर में आएं खेलें पाएं इनाम क्विज प्रतियोगिता
राजकमल प्रकाशन के जलसाघर में भारी संख्या में पुस्तक प्रेमियों ने शिरकत की। पाठकों ने यहां क्विज प्रतियोगिता आएं खेलें पाएं ईनाम में हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में हिंदी साहित्य से जुड़े सवालों के सही जवाब देने पर पाठकों को पुस्तकों की खरीद पर अतिरिक्त छूट दी जा रही है। तीन नई पुस्तकों, ज्योतिष जोशी की आधुनिक कला आंदोलन, ज्योति चावला की यह उनींदी रातों का समय है और डॉ. रमेश अग्रवाल की जीने की जिद का लोकार्पण किया गया।
सबसे छोटी बिजनेस बुक का विमोचन
सेमिनार हॉल में पेन डाउन प्रेस की दिनेश वर्मा द्वारा लिखित दुनिया की सबसे छोटी बिजनेस बुक का विमोचन किया गया। गुल्लीबाबा पब्लिशिंग हाउस के स्टाॅल पर छात्रों की भीड़ जुटी। स्नातक व स्नातकोत्तर विषयों, मैनेजमेंट और बीएड की हेल्प बुक को ढूंढते हुए छात्र इस स्टॉल पर पहुंचे।