दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से, सरकार ला सकती है कई अहम प्रस्ताव
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दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र गुरुवार से शुरू हो रहा है। 26 अगस्त तक चलने वाले सत्र में विधानसभा कमेटियों की रिपोर्ट को सदन में रखी जाएंगी। वहीं, मेट्रो और बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर की योजना पर भी चर्चा होगी। इसके बजटीय प्रावधान के लिए अनुपूरक अनुदान मांग सरकार की तरफ से पेश की जा सकती है। इसके अलावा सत्ता पक्ष की तरफ से दिल्ली से जुड़े कई अहम मसलों पर प्रस्ताव आ सकता है।
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मॉनसून सत्र में याचिका समिति की रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी। वहीं, एमसीडी के भ्रष्टाचार पर भी सदन में चर्चा होगी। दिल्ली नागरिक सहकारी बैंक के मामलों को लेकर भी रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी। इसके साथ सत्ता पक्ष की तरफ से संत रविदास मंदिर तोड़े जाने का मसला जोर-शोर से उठाया जाएगा। इस दौरान दिल्ली विधान से इस मांग का प्रस्ताव पास करवाने की कोशिश होगी कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द पहले वाली जगह पर मंदिर का दुबारा निर्माण करवाए।
सत्ता पक्ष की तरफ से बिजली के बिल की माफी, फ्री वाई फाई और सीसीटीवी दिलाने जैसी दिल्ली सरकार की योजनाओं पर धन्यवाद प्रस्ताव सदन में लाएगा। कच्ची कॉलोनियों को पक्का किए जाने के मुद्दे पर भी सदन में चर्चा होने की उम्मीद है।
अधिकारी बताते हैं कि तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार, विधान सभा का मानसून सत्र तीन दिन तक चलेगा। बृहस्पतिवार व शुक्रवार के बाद वीकेंड की छुट्टटी रहेगी। सोमवार को एक बार फिर सदन की बैठक होगी। अगर जरूरत हुई तो सत्र की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
अनुच्छेद-370 पर चर्चा न हुई तो भाजपा करेगी हंगामा
भाजपा विधायकों ने चेतावनी दी है कि विधानसभा सत्र के दौरान अगर अनुच्छेद 370 पर चर्चा नहीं हुई तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे। बुधवार को मीडिया से वार्ता में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि स्पीकर रामनिवास गोयल को पत्र लिखकर सत्र के पहले दिन अनुच्छेद-370 पर चर्चा करने की मांग की गई है, लेकिन अब तक जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
पत्र पर उनके अलावा भाजपा विधायक ओमप्रकाश शर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा एवं जगदीश प्रधान ने भी हस्ताक्षर किए हैं। इसकी अनुमति नहीं मिलती है तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे। हालांकि बातचीत में विजेंद्र गुप्ता ने उम्मीद जताई कि उनकी मांग पूरी जरूर की जाएगी।
इसके अलावा भाजपा कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनावी घोषणा पत्र में जनता से लंबे-चौड़े वादे किए थे, लेकिन अब तक इन्हें पूरा नहीं किया गया। इनमें 500 नए स्कूलों की स्थापना, अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता 30 हजार करने, 900 प्राइमरी हेल्थ सेंटर खोलने, 20 नए डिग्री कॉलेज, 2 लाख सार्वजनिक शौचालय बनाने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, दिल्ली में फ्री वाईफाई, 10 हजार बसों की खरीदी, 55 हजार खाली पदों पर नियुक्तियां, 4 हजार डॉक्टर व 15 हजार नर्सों के नियमितीकरण करना इत्यादि शामिल है। विजेंद्र गुप्ता ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार के पास अब उसके कार्यकाल के कुछ ही महीने शेष बचे हैं। भाजपा की ओर से सदन में 51 प्रश्न पूछे जाएंगे, जो अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े हैं।