बेकाबू महंगाई कहां जाकर रुकेगी?: इस वजह से 10 गुना तक बढ़े सब्जियों के दाम, मानसून तक नहीं राहत की उम्मीद
दिल्ली-एनसीआर के खुदरा बाजार में टमाटर के भाव 150 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। जबकि अदरक 400 रुपये व बैगन 50 रुपये किलो में बिक रहे हैं।
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उत्तर भारत में हो रही मानसूनी बारिश के साथ दिल्ली-एनसीआर में सब्जियों के दाम बेकाबू हो गए हैं। पिछले 10 दिनों में अधिकतर सब्जियों के दाम आठ से 10 गुना तक बढ़ गए हैं। वहीं, कई सब्जियां बाजार से ही गायब हो गई हैं। सब्जी व्यापारियों की माने तो बारिश के कारण अधिकतर सब्जियों की फसलें खराब हो गई है। उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। मंडी में आवक कम होने के कारण इनके दामों में तेजी से उछाल आया है। मानसून चलने तक राहत मिलने की उम्मीद भी कम है।
आजादपुर मंडी में सब्जी विक्रेता जय किशन सैनी ने बताया कि बारिश के दौरान टमाटर खेत में ही फटने लगता है, जिससे फसल खराब हो जाती है। इसके अलावा लता वाली सब्जियों में कीड़े लग जाते हैं। जबकि खेत में पानी जमा होने के कारण भिंडी सहित कई अन्य फसलें खराब होने लगती है। यही कारण है कि बारिश के समय इनकी आवक काफी कम होती है। इसका असर दामों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन सब्जियों को लंबे समय तक स्टोर करके भी नहीं रखा जा सकता। अभी बारिश के कारण कई रास्ते बंद हैं। ऐसे में मांग के अनुसार पर्याप्त सब्जियां दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच नहीं पा रही हैं।
खुदरा बाजार में 150 रुपये किलो पहुंचा टमाटर
दिल्ली-एनसीआर के खुदरा बाजार में टमाटर के भाव 150 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। जबकि अदरक 400 रुपये व बैगन 50 रुपये किलो में बिक रहे हैं। जबकि तोरई 40 रुपये किलो, गाजर 80 रुपये किलो, शिमला मिर्च 75 रुपये किलो, खीरा 40 से 60 रुपये किलो, बींस 150 रुपये किलो, लौकी के भाव 45 रुपये किलो तक चल रहे हैं।
थोक के मुकाबले दोगुने हैं दाम
दिल्ली-एनसीआर के अधिकतर इलाकों में सब्जियों के थोक दाम के मुकाबले खुदरा दाम दोगुना तक बढ़ गए हैं। मंडी में टमाटर के भाव 70 रुपये किलो तक हैं, जबकि दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी, ग्रीन पार्क, जोर बाग, गांधी नगर, एनसीआर के वंसुधरा, गुरुग्राम के हुड्डा सेंटर सहित अन्य इलाकों में खुदरा भाव 120-130 के पास चल रहे हैं। वहीं अन्य इलाकों में 100 रुपये तक हैं। इसी तरह अन्य सब्जियों के दामों में भी तेजी है।
दाम बढ़ाना मजबूरी
दिल्ली के पटेल नगर में रेहड़ी-पटरी पर सब्जी बेचने वाली रोशनी का कहना है कि दाम दोगुना करना मजबूरी है। सब्जियों के दाम बढ़ने के कारण बिक्री भी कम हो गई है। यहीं कारण है कि प्रति किलो तक बचत को बढ़ाना पड़ रहा है। पहले प्रति किलो पर पांच से 10 रुपये का मार्जन रखते थे, लेकिन अभी 20 रुपये तक रखना पड़ रहा है।
ग्राम में कर रहे खरीददारी
ग्रीन पार्क मार्केट में खरीदारी करने आई डॉ. एमवी शुक्ला ने कहा कि दाम बढ़ने के बाद उन्होंने रसोई के बजट को बिगड़ने से बचाने के लिए सब्जी की खरीद को आधा कर दिया है। पहले जहां सामान किलो में लेकर जाते थे, वहीं अब इन्हें 300-400 ग्राम में ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि दाम बढ़ने के कारण बजट पर असर पड़ा है। पहले दो हजार रुपये में महीने भर की सब्जी आ जाती थी, लेकिन अभी के दाम में एक सप्ताह भी निकालना मुश्किल है।
| सब्जी | न्यूनतम भाव | अधिकतम भाव |
| टमाटर | 12 | 70 |
| अदरक | 100 | 210 |
| आलू | 04 | 23 |
| प्याज | 05 | 16.25 |
| बैंगन | 05 | 20 |
| पत्ता गोभी | 02 | 07 |
| फूलगोभी | 10 | 35 |
| गाजर | 04 | 20 |
| लौकी | 05 | 15 |
| कद्दू | 03 | 10 |
| मूली | 05 | 15 |
| पालक | 05 | 15 |
| भिंडी | 30 | 40 |
| खीरा | 10 | 30 |
| सब्जी | न्यूनतम भाव | अधिकतम भाव |
| टमाटर | 70 | 150 |
| अदरक | 260 | 400 |
| आलू | 10 | 30 |
| प्याज | 15 | 35 |
| बैंगन | 10 | 40 |
| पत्ता गोभी | 20 | 50 |
| फूलगोभी | 20 | 50 |
| गाजर | 10 | 40 |
| लौकी | 10 | 35 |
| कद्दू | 15 | 30 |
| मूली | 10 | 35 |
| पालक | 10 | 25 |
| भिंडी | 30 | 40 |
| खीरा | 10 | 40 |